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दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर ईरान ने किया ड्रोन अटैक, मच सकता है हाहाकार

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच के संघर्ष से पूरे खाड़ी क्षेत्र में शांति बिगड़ गई है। तेल उत्पादन से जुड़े एक प्रमुख ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला तेल बाजारों के लिए एक बुरे सपने जैसा है।

दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर ईरान ने किया ड्रोन अटैक, मच सकता है हाहाकार
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रियाद। अमेरिका और ईरान के बीच जंग की आग सऊदी के तेल रिफाइनरी तक पहुंच गई है। सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको ने सोमवार को अपनी रास तनुरा तेल रिफाइनरी को ड्रोन हमलों के बाद बंद कर दिया है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उनकी सेना ने रिफाइनरी की ओर आने वाले एयरक्राफ्ट (ड्रोन) को मार गिराया है। सऊदी सैन्य प्रवक्ता ने वहां की सरकारी सऊदी प्रेस एजेंसी पर यह घोषणा की।

रास तनुरा तेल रिफाइनरी सऊदी अरब की सबसे बड़ी रिफाइनरी में से एक है और प्रति दिन 550,000 बैरल कच्चे तेल को रिफाइन कर सकती है।

एक अधिकारी ने बताया है कि अरामको की रास तनुरा रिफाइनरी को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। अधिकारी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और आग बुझा ली गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में ड्रोन हमले के कारण अरामको रास तनुरा तेल रिफाइनरी से धुएं का गहरा गुबार निकलता हुआ दिखाई दे रहा है। अभी इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि स्वतंत्र तौर पर नहीं किया जा सकता है।

तेल के दाम छू रहे आसमान

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला किया और पूरे खाड़ी क्षेत्र में जंग शुरू हो गई। इसके बाद लंदन में कच्चा तेल 9.7% अधिक की महंगी कीमत पर कारोबार कर रहा था। ऐसे में अब तेल उत्पादन से जुड़े एक प्रमुख ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला तेल बाजारों के लिए एक बुरे सपने जैसा है। तनाव बढ़ने के कारण महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से समुद्री यातायात पहले से ही बंद है।

ऐसी परिस्थिति में ऊर्जा बाजार अब लंबे समय तक अस्थिरता के लिए तैयार हैं. खाड़ी से निर्यात में कोई भी लंबी रुकावट- विशेष रूप से यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद रखा जाता है - तो वैश्विक मांग बढ़ने के साथ ही आपूर्ति में कमी आ सकती है, जिससे दुनिया भर में महंगाई बढ़ सकती है।

5.5 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता

बता दें कि रास तनूरा कॉम्प्लेक्स सऊदी अरब के खाड़ी तट पर स्थित है और यह मिडिल ईस्ट की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी क्षमता लगभग 5.5 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) है। यह सऊदी कच्चे तेल के निर्यात का एक अहम टर्मिनल भी है। सूत्र के अनुसार रिफाइनरी को सावधानी के तौर पर बंद किया गया है और हालात नियंत्रण में हैं।

मच सकता है हाहाकार

रिफाइनरी बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इससे पहले होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला समुद्री व्यापार भी लगभग ठप हो गया है। दुनिया की करीब पांचवां हिस्सा तेल खपत इसी मार्ग से गुजरती है। रविवार को इस क्षेत्र के आसपास जहाजों पर हमलों के बाद तेल परिवहन प्रभावित हुआ है। इसी वजह से सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमतों में करीब 10 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। अरामको ने इस मामले पर तुरंत कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।

क्या कह रहे विशेषज्ञ?

रिस्क इंटेलिजेंस फर्म वेरिस्क मेपलक्रॉफ्ट के मिडिल ईस्ट विश्लेषक टॉरब्योर्न सोल्टवेड्ट ने कहा ताजा हमलों कर चिंता जताते हुए कहा कि रास तनूरा पर हमला क्षेत्रीय तनाव में बड़ी बढ़ोतरी का संकेत है और अब खाड़ी देशों की ऊर्जा संरचना सीधे निशाने पर आ गई है। उन्होंने कहा कि इस घटना के बाद सऊदी अरब और पड़ोसी खाड़ी देश अमेरिका और इजराइल के सैन्य अभियानों के और करीब आ सकते हैं।

कई खाड़ी देशों में हमले

यह ड्रोन हमला क्षेत्र में हाल के हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है, जिनमें अबू धाबी, दुबई, दोहा, मनामा और ओमान के दुक़्म वाणिज्यिक बंदरगाह को भी निशाना बनाया गया है। इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में भी तेल उत्पादन का बड़ा हिस्सा एहतियातन बंद कर दिया गया है, जहां से फरवरी में करीब 2 लाख बैरल प्रतिदिन तेल तुर्की को निर्यात किया गया था।


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