अमेरिका के F-35 के बाद ईरान ने होर्मुज के पास उड़ रहे F-15 फाइटर जेट को बनाया निशाना, देखें VIDEO
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास एक दुश्मन F-15 फाइटर जेट का पता लगाया गया और उस पर नजर रखी। इसके बाद, सेना की वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा दागी गई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से इस विमान को निशाना बनाया गया।

तेहरान। अमेरिका के एफ-35 फाइटर जेट को निशाना बनाने के बाद ईरान ने रविवार को एक और फाइटर जेट पर हमला किया है। ईरान का दावा है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के पास उड़ रहे दुश्मन देश के F-15 फाइटर जेट को निशाना बनाया है। हालांकि, अभी यह देखा जा रहा है कि जेट को कितना नुकसान पहुंचा है।
ईरान के ज्वाइंट एयर डिफेंस हेडक्वार्टर के अनुसार, ईरान के दक्षिणी तटों के पास, होर्मुज स्ट्रेट के आसपास एक दुश्मन F-15 फाइटर जेट का पता लगाया गया और उस पर नजर रखी गई। इसके बाद, सेना की वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा दागी गई सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से इस विमान को निशाना बनाया गया।
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— Tehran Times (@TehranTimes79) March 22, 2026
An enemy's F-15 fighter jet was shot down by Iranian air defense systems near Hormuz Island after being intercepted over the country’s southern coast. pic.twitter.com/jmrFuUQKbd
सामने आए वीडियो में एक फाइटर जेट को निशाना बनाया जाते देखा जा सकता है। हालांकि, अभी ईरान ने ही यह हमले का दावा किया है, लेकिन अमेरिका की ओर से पुष्टि नहीं हुई है। पिछले दिनों अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को धमकी दी थी कि वह अगले 48 घंटे में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दे, वरना अमेरिका उसके बिजली संयत्रों पर हमला करके उसे तबाह कर देगा।
ईरान के हवाई क्षेत्र में एक लड़ाकू अभियान के दौरान, अमेरिका के एक स्टील्थ फाइटर जेट एफ-35 को ईरान ने निशाना बनाया था, जिससे उसे काफी नुकसान पहुंचा। विमान को मिडिल ईस्ट स्थित एक सैन्य ठिकाने पर आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। यह घटना मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हवा में हुई गंभीर घटना के बावजूद, सैन्य पायलट ने क्षतिग्रस्त विमान को सफलतापूर्वक वापस बेस तक पहुंचा दिया।
पायलट इस मुश्किल हालात से सुरक्षित निकल आया है और मेडिकल जांच के दौरान उसकी हालत स्थिर बनी हुई है। एफ-35 फाइटर जेट पांचवीं पीढ़ी का 'लाइटनिंग II' स्टील्थ फाइटर है, जिसकी हर यूनिट की कीमत 100 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा है। इन जेट्स को रडार की पकड़ से बचने और दुश्मन के भारी सुरक्षा वाले हवाई क्षेत्र के काफी अंदर तक जाकर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।


