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सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़! इंस्टाग्राम पर CSAM विज्ञापनों को लेकर केंद्र सरकार सख्त, मेटा से मांगा स्पष्टीकरण

केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर बाल यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के सामने आने के बाद कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) को मेटा के अधिकारियों को तलब करने के निर्देश दिए हैं।

सोशल मीडिया पर बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़! इंस्टाग्राम पर CSAM विज्ञापनों को लेकर केंद्र सरकार सख्त, मेटा से मांगा स्पष्टीकरण
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने इंस्टाग्राम पर कथित तौर पर बाल यौन शोषण को बढ़ावा देने वाले विज्ञापनों के सामने आने के बाद कड़ा रुख अपनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) को मेटा के अधिकारियों को तलब करने के निर्देश दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार, मंत्रालय अमेरिका की टेक कंपनी मेटा से यह स्पष्टीकरण मांगेगा कि इंस्टाग्राम जैसे उसके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस तरह के विज्ञापन कैसे दिखाई दिए और ऐसे अवैध व संवेदनशील कंटेंट को रोकने के लिए कंपनी ने कौन-कौन से सुरक्षा उपाय अपनाए हैं।

मेटा, जो फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप का मालिक है, से यह भी पूछा जाएगा कि उसके प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापनों को चलने की अनुमति कैसे मिली। साथ ही कंपनी से यह जानकारी भी मांगी जाएगी कि बाल यौन शोषण से जुड़े कंटेंट की पहचान करने, उसे हटाने और भविष्य में ऐसे कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए उसने कौन-सी व्यवस्थाएं लागू की हैं।

सूत्रों का कहना है कि मंत्रालय मेटा की कंटेंट मॉडरेशन प्रणाली, विज्ञापनों की समीक्षा प्रक्रिया और उसके प्लेटफॉर्म पर अवैध एवं हानिकारक सामग्री के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत बनाने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी भी मांग सकता है।

हालांकि, खबर लिखे जाने तक मेटा की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में भारत सरकार ने व्हाट्सऐप यूजरनेम फीचर के रोलआउट को फिलहाल रोक दिया था। इसके जवाब में व्हाट्सऐप ने स्पष्ट किया कि उसका नया यूजरनेम फीचर पूरी तरह वैकल्पिक होगा और इसे लागू करने से पहले पहचान की चोरी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अनचाहे संपर्क जैसी समस्याओं से बचाव के लिए कई सुरक्षा उपाय जोड़े गए हैं।

कंपनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पूछे गए कई सवालों के जवाब देते हुए कहा कि किसी भी यूजर के लिए यूजरनेम बनाना अनिवार्य नहीं होगा। साथ ही इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पहले से मौजूद यूजरनेम, सार्वजनिक हस्तियों, सरकारी संस्थाओं और मेटा वेरिफाइड अकाउंट्स के नाम सुरक्षित रखे गए हैं, ताकि उन्हें केवल उनके वास्तविक मालिक ही इस्तेमाल कर सकें।



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