सेना प्रमुख की पाकिस्तान को चेतावनी, संदिग्ध गतिविधियां होते ही लेंगे एक्शन
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को चेताया है कि किसी भी हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब मिलेगा, ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रणनीतिक क्षमता दर्शाई है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद घटने और पर्यटन बढ़ने का भी जिक्र किया।

नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत लगातार पाकिस्तान को लेकर एक्शन मोड पर है। इसी बीच पिछले दिनों एलओसी के पास पाकिस्तानी ड्रोन नजर आए थे। अब इस मुद्दे पर भारतीय सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने रिएक्ट किया है। उन्होंने मंगलवार को इस मुद्दे पर पड़ोसी मुल्क को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि डीजीएमओ लेवल पर इसे लेकर बात हु़ई है उसमें भी हमने इसे लेकर सख्ती से कहा है।
आर्मी चीफ ने कहा कि पाकिस्तान की तरफ से जो ड्रोन आ रहे हैं वो छोटे ड्रोन हैं। ये डिफेंसिव ड्रोन हैं, ये नजर रखने के लिए है। आज जो डीजीएमओ बात हु़ई है उसमें भी हमने इसे लेकर सख्ती से कहा है। LAC पर सेना की डिप्लॉयमेंट को लेकर आर्मी चीफ ने कहा कि ऐसी तैनाती पर विचार कर रहे हैं कि जहां से जरूरत पड़ने पर आगे की तैनाती तुरंत की जा सके।
न्यूक्लियर पर नहीं हुई कोई बातचीत
ऑपरेशन सिंदूर से ये सीखा जो भी खबर देते हैं उसकी क्रेडिबिलिटी होनी चाहिए, इंफॉर्मेशन गैप नहीं होना चाहिए। हमने ऑपरेशन के टाइम में वेस्टर्न फ्रंट के सारे हैंडल बंद किए थे सिर्फ आर्मी के एक हैंडल से ही जानकारी दे रहे थे। सेना प्रमुख ने स्पष्ट किया कि डीजीएमओ स्तर की बातचीत में न्यूक्लियर पर कोई बात नहीं हुई है।
100 से 400 KM तक होगी शक्तिबाण रेजिमेंट की रेंज
आर्मी चीफ ने कहा, भारतीय सेना ड्रोन का इस्तेमाल पहले भी कर रही थी और उसके स्ट्रक्चर को लेकर भी सोच रहे थे लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद हमने इसकी कार्यवाही तेज कर दी है। उन्होंने बताया कि शक्तिबाण रेजिमेंट की रेंज शुरू में 100 से 400 किलोमीटर तक होगी फिर इसे 700 से 1000 किलोमीटर तक अपग्रेड किया जाएगा। सेना प्रमुख ने कहा, हमने भी आत्मनिर्भरता का बीड़ा उठाया है, आर्मी की हर कमांड के पास करीब 500 ड्रोन बनाने की क्षमता है या बना चुके हैं।
दुस्साहस पर पाकिस्तान को दिया जाएगा दृढ़ता से जवाब: सेना प्रमुख
सेना प्रमुख ने कहा कि चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर हालात स्थिर हैं, लेकिन इस पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। ऑपरेशन सिंदूर के अलग-अलग पहलुओं के बारे में विस्तार से बात करते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि इससे रणनीतिक सोच को फिर से तैयार करने में मदद मिली, क्योंकि भारतीय सेना ने आतंकी ढांचे को खत्म करने और इस्लामाबाद की ‘लंबे समय से चली आ रही परमाणु बयानबाजी’ को धता बताने के लिए अंदर तक हमला किया। उन्होंने कहा, 'जैसा कि आप जानते होंगे, ऑपरेशन सिंदूर अब भी जारी है, और भविष्य में किसी भी दुस्साहस का दृढ़ता से जवाब दिया जाएगा।'


