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पहाड़ों में बारिश बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बढ़ेगा पारा, इस हफ्ते खूब सताएगी गर्मी

देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। एक ओर पश्चिमी विक्षोभ के असर से आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है, वहीं दूसरी ओर गर्मी तेजी से वापसी कर रही है। मौसम विभाग के अनुसार 10-15 अप्रैल के बीच तापमान 2 से 10 डिग्री तक बढ़ सकता है। पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तेज हवाओं के साथ गर्मी का असर बढ़ेगा।

पहाड़ों में बारिश बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बढ़ेगा पारा, इस हफ्ते खूब सताएगी गर्मी
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नई दिल्ली। देशभर में मौसम ने अचानक अपने तेवर बदल लिए हैं। एक तरफ कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि से हालात अस्थिर बने हुए हैं, तो दूसरी ओर साफ होते आसमान के साथ गर्मी तेजी से वापसी कर रही है। बीते दिनों की हल्की ठंडक अब ज्यादा देर टिकती नहीं दिख रही, क्योंकि आने वाले दिनों में पारे में तेज उछाल के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार 10 से 15 अप्रैल के बीच देश के कई हिस्सों में तापमान 2 से 10 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जबकि कई क्षेत्रों में खराब मौसम की गतिविधियां भी जारी रहेंगी।

मौसम विभाग के अनुसार एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ऊपरी वायुमंडल में चक्रवाती प्रसार और मजबूत उपोष्णकटिबंधीय जेट स्ट्रीम के संयुक्त प्रभाव से कई राज्यों में बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 11 अप्रैल तक मौसम खराब बने रहने का अनुमान है। इन राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है।

गरज-चमक को लेकर क्या संभावना?

इसके साथ गरज-चमक और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के सीधे प्रभाव के कारण बनी हुई है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कुछ दिनों की राहत के बाद अब तापमान तेजी से बढ़ने की संभावना है। दिल्ली और एनसीआर में बारिश का दौर थम चुका है और गर्मी का असर बढ़ने लगा है। आने वाले दिनों में तापमान सामान्य से ऊपर जा सकता है।

यूपी-पंजाब समेत 5 राज्यों में फसलें खराब

बेमौसम बारिश ने किसानों की मुसीबत बढ़ा दी है। बारिश ने मैदानी राज्यों में खड़ी फसलों को गिरा दिया और कटी फसलों को भिगो दिया है। रही सही कसर खेतों में भरे पानी ने पूरी कर दी है। ऐसे में किसानों को हो रहे नुकसान को देखते हुए केंद्र ने राज्यों से आकलन कर रिपोर्ट देने को कहा है, ताकि उन्हें मुआवजा मिल सके और वह अगली बुवाई की तैयारी में लग सकें। उधर, हरियाणा, यूपी की मंडियों में रखा गेहूं भी भीग गया है।

क्या है इन राज्यों का हाल?

उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार और राजस्थान के कुछ हिस्सों में अभी गेहूं की फसल पूरी तरह से कटी नहीं थी, या कटी थी तो खेतों में ही पड़ी थी। इसलिए बारिश और ओलावृष्टि ने फसल पर असर डाला है। इससे फसल के दाने के काले पड़ने और गुणवत्ता में कमत्तर रहने के आसार बन रहे हैं, जिसने किसानों को बेहाल कर दिया है। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वह नुकसान का आकलन जल्द दे, जिससे फसल बीमा के माध्यम से किसानों के नुकसान की भरपाई जल्द से जल्द कराई जा सके।

आज पूर्वोत्तर में भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले चार दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। 10 अप्रैल तक इन राज्यों में 65.5 से 155.5 मिमी तक वर्षा हो सकती है, जिसके चलते मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर मेघालय में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है, जिससे फसलों और जनजीवन पर असर पड़ सकता है।

यूपी में 30 से अधिक जिले प्रभावित

उत्तर प्रदेश में आकस्मिक बारिश और ओलावृष्टि से 30 से ज्यादा जिले प्रभावित हुए हैं। यहां कई जगहों पर फसल पर 35 से 40 फीसदी तक खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। प्रभावित जिलों में अयोध्या, पीलीभीत, प्रयागराज के करछना, फूलपुर,मेजा, फतेहपुर के अमौली,बिंदकी, झुनिहा, जहानाबाद, बकेवर शामिल हैं। यहां आलू, गेहूं और थोड़ा बहुत चना की फसल खराब हुई है।

पंजाब सबसे अधिक प्रभावित

अचानक बारिश का सबसे ज्यादा असर पंजाब में देखने को मिला है। यहां 1.30 लाख हेक्टेयर में गेहूं की फसल पर खराब होने की आशंका जताई जा रही है। बारिश से गेहूं की कटाई में देरी हो गई। इसके चलते मंडियों में गेहूं की आवक कम है। अभी तक करीब 11,984 मीट्रिक टन गेहूं की आमद हुई है। इसमें से 7,693 मीट्रिक की खरीद हुई है।

हरियाणा में मंडियों में रखा गेहूं भी भीगा

हरियाणा में पकी हुई फसलों पर मौसम की मार पड़ी है। मंडियों में रखा सैकड़ों क्विंटल गेहूं भीग गया है। राज्य के कृषि प्रधान इलाके, सिरसा, नूंह, हिसार, झज्जर, करनाल और कुरुक्षेत्र में किसानों की खड़ी फसले खराब हो गई है। उनके चार महीने की मेहनत पानी हो गई है।


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