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पीएम मोदी ने ट्रंप को कॉल नहीं किया, ट्रेड डील पर अमेरिकी कॉमर्स मंत्री का नया दावा

अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने बताया कि भारत-अमेरिका के बीच लंबित व्यापार समझौते की वजह कोई नीतिगत मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके पीछे एक फोन कॉल है जो नहीं हो सका। लटनिक के अनुसार, पूरी डील तैयार थी लेकिन एक फोन कॉल की वजह से रुक गई।

पीएम मोदी ने ट्रंप को कॉल नहीं किया, ट्रेड डील पर अमेरिकी कॉमर्स मंत्री का नया दावा
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वाशिंगटन। अमेरिका के वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच लंबे समय से यह व्यापार समझौता इसलिए अटका हुआ है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात नहीं की। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील के अटकने की वजह कोई नीतिगत मतभेद नहीं बल्कि पीएम मोदी का ट्रंप को सीधे फोन न करना है।

एक इंटरव्यू में लटनिक ने दावा किया कि व्यापार समझौते की पूरी रूपरेखा तैयार थी, लेकिन उसे अंतिम रूप देने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात करनी थी। उनके मुताबिक, भारत सरकार इसके लिए सहज नहीं थी और आखिरकार यह कॉल नहीं की गई।

लटनिक ने कहा कि पूरी डील तैयार थी। लेकिन साफ बात यह है कि यह ट्रंप की डील थी। वही इसे अंजाम तक पहुंचाते हैं। बस मोदी को राष्ट्रपति को फोन करना था। वे इसके लिए असहज थे। मोदी ने कॉल नहीं की। हमने इंडोनेशिया, फिलीपींस और वियतनाम के साथ व्यापार समझौते किए। हमें उम्मीद थी कि भारत के साथ समझौता इनसे पहले हो जाएगा।

ट्रंप का ईगो हर्ट हुआ और रुक गई डील

अमेरिकी वाणिज्य सचिव के इस बयान से आधिकारिक तौर पर सामने आ गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के खिलाफ टैरिफ को लेकर सख्त बयानबाजी व्यापार या नीतियों को लेकर नहीं कर रहे बल्कि यह उनके अहंकार से जुड़ा है जिसे ठेस लग गई है।

पीएम मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया और फिर ट्रंप का ईगो हर्ट हो गया। इसकी कीमत भारत को 50 प्रतिशत तक के भारी-भरकम टैरिफ के रूप में चुकानी पड़ी। ट्रंप अब भारत के खिलाफ और अधिक टैरिफ बढ़ाने की बात भी कह ही चुके हैं।

लटनिक ने यह भी कहा कि जिन शर्तों पर भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता लगभग तय माना जा रहा था, वे अब लागू नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका उस व्यापार समझौते से पीछे हट चुका है, जिस पर पहले सहमति बनी थी। अब हम उस पर विचार नहीं कर रहे हैं।

भारत-अमेरिका के बीच लंबे समय से रुकी हुई है ट्रेड डील

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2025 में सत्ता में आने के बाद से दुनिया के देशों पर टैरिफ की घोषणा कर दी। ट्रंप ने भारत पर भी 25% टैरिफ लगाया। पिछले साल फरवरी में पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रंप इस बात पर सहमत हुए कि दोनों देशों के बीच एक ट्रेड डील हो। इसके बाद भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर वार्ता शुरू हुई।

रूसी तेल की खरीद से नाराज ट्रंप ने भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50% कर दिया है। माना जा रहा है कि अगर ट्रेड डील हो जाती है तो भारत को टैरिफ में राहत मिलेगी। इस ट्रेड डील के तहत द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 500 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। भारत-अमेरिका के बीच फिलहाल 191 अरब डॉलर का व्यापार होता है।


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