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संयुक्त राष्ट्र में भारत ने फिर पाकिस्तान को लगाई फटकार, कहा- दुनिया को गुमराह करने की कोशिश सफल नहीं होगी

UNSC में भारत ने पाकिस्तान के ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ नैरेटिव को दुष्प्रचार बताया। भारत ने अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई और पाकिस्तान के दोहरे रवैये पर भी सवाल उठाए।

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने फिर पाकिस्तान को लगाई फटकार, कहा- दुनिया को गुमराह करने की कोशिश सफल नहीं होगी
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नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसके आरोपों और प्रचार अभियान को तथ्यों से परे बताया है। अफगानिस्तान की स्थिति पर आयोजित बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ शब्द को एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान करार दिया और कहा कि इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गुमराह करना है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथानेनी हरीश ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि अपने देश के भीतर सक्रिय समूहों को ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ बताना वास्तविक तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि धार्मिक शब्दावली का उपयोग कर एक झूठा नैरेटिव गढ़ा जा रहा है, जिसका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है।

‘नफरत की फैक्ट्री’ से निकला है यह नैरेटिव

भारत ने कहा कि पाकिस्तान का यह अभियान उसके सत्ता प्रतिष्ठान की उस सोच को दर्शाता है, जिसके तहत देश की राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश की जाती है। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि भारत के खिलाफ लगातार शत्रुता का माहौल बनाकर सत्ता और संसाधनों पर नियंत्रण बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान में वर्षों से एक ऐसी व्यवस्था विकसित हुई है, जो भारत विरोधी प्रचार को बढ़ावा देती है। इसी कारण समय-समय पर नए नामों और नारों के माध्यम से भ्रामक कथानक तैयार किए जाते हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब ऐसे प्रयासों को अच्छी तरह समझता है और इनसे प्रभावित नहीं होगा।

अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई पर भी उठाए सवाल

बैठक के दौरान भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों पर भी चिंता जताई। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि किसी सैन्य कार्रवाई को आतंकवाद विरोधी अभियान बताने मात्र से उसकी जवाबदेही समाप्त नहीं हो जाती।

भारत का कहना था कि निर्दोष नागरिकों की मौत, लोगों के घायल होने और बच्चों के अनाथ होने जैसी घटनाओं को किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। भारत ने अफगानिस्तान में मानवीय स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप

भारत ने पाकिस्तान पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप भी लगाया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि एक ओर पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय कानून, शांति और इस्लामी एकजुटता की बात करता है, जबकि दूसरी ओर संवेदनशील परिस्थितियों में सैन्य कार्रवाई करता है। यह उसके कथनों और व्यवहार के बीच स्पष्ट विरोधाभास को दर्शाता है।

क्या है ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ विवाद?

पिछले वर्ष पाकिस्तान ने बलूचिस्तान में सक्रिय कुछ उग्रवादी और आतंकवादी समूहों को ‘फिटना अल हिंदुस्तान’ की श्रेणी में रखना शुरू किया था। पाकिस्तान का दावा था कि इन समूहों को भारत का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई सार्वजनिक और ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए गए। भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच से इस पूरे नैरेटिव को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित और भ्रामक बताया है।


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