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एआई इंपैक्ट समिट में भारत ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, ढाई लाख लोगों ने ली एआई प्रतिज्ञा

इंडिया एआई मिशन के तहत भारत ने जिम्मेदार एआई उपयोग को लेकर एक नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। सिर्फ 24 घंटे में ढाई लाख से ज्यादा लोगों ने एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन के तहत प्रतिज्ञा ली। इससे भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई।

एआई इंपैक्ट समिट में भारत ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, ढाई लाख लोगों ने ली एआई प्रतिज्ञा
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नई दिल्ली। नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में नया रिकॉर्ड बन गया है। भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जिम्मेदार उपयोग को लेकर एक नया विश्व रिकॉर्ड बना दिया है। इंडियाएआई मिशन के एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन में सिर्फ 24 घंटे के अंदर ढाई लाख से ज्यादा लोगों ने शपथ ली।

इसके साथ ही भारत ने गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपनी जगह बना ली। इस उपलब्धि की घोषणा भारत में हो रहे दुनिया के सबसे बड़े इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने की। उन्होंने बताया कि ये 24 घंटे में एआई जिम्मेदारी के लिए सबसे ज्यादा शपथ लेने का विश्व रिकॉर्ड है।

24 घंटे में बना विश्व रिकॉर्ड

इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि एआई रिस्पॉन्सिबिलिटी कैंपेन के तहत 16 से 17 फरवरी के बीच 24 घंटे में कुल 2,50,946 लोगों ने शपथ ली। इसके साथ ही भारत ने 24 घंटे में एआई जिम्मेदारी अभियान के लिए सबसे ज्यादा शपथ लेने का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया।

इस उपलब्धि की पुष्टि नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के आधिकारिक निर्णायक ने की। इस मौके पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, इंडियाएआई मिशन और इंटेल इंडिया के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।

इंडिया एआई मिशन के तहत चलाया गया अभियान

यह अभियान इंडियाएआई मिशन और इंटेल इंडिया के सहयोग से शुरू किया गया था। इसका मकसद लोगों को एआई का सुरक्षित, जिम्मेदार और सही तरीके से उपयोग करने के लिए जागरूक करना था। इस अभियान में लोगों ने एक खास ऑनलाइन पोर्टल के जरिए शपथ ली।

इसमें उनसे डाटा प्राइवेसी, पारदर्शिता, जवाबदेही और गलत जानकारी से बचने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सवाल पूछे गए ताकि उन्हें जिम्मेदार एआई उपयोग के बारे में समझ मिल सके। शपथ पूरी करने वाले लोगों को एक डिजिटल बैज दिया गया और साथ ही एआई से जुड़े खास लर्निंग प्रोग्राम तक पहुंच भी दी गई जिससे वे एआई के बारे में और ज्यादा सीख सकें।

प्रधानमंत्री मोदी के विजन को दिया श्रेय

अश्विनी वैष्णव ने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को दिया। उन्होंने कहा कि सरकार ने देशभर के कॉलेजों, शिक्षकों और छात्रों को इस अभियान से जोड़कर उन्हें एआई का जिम्मेदारी से और समाज के हित में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ढाई लाख से ज्यादा छात्रों और युवाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह देश के लिए गर्व की बात है और यह दिखाता है कि भारत जिम्मेदार तरीके से एआई अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

ढाई लाख से ज्यादा लोगों ने ली शपथ

इस अभियान का शुरुआती लक्ष्य केवल पांच हजार लोगों से शपथ दिलाने का था लेकिन यह लक्ष्य एक ही दिन में कई गुना पार हो गया। 24 घंटे में ढाई लाख से ज्यादा लोगों ने इसमें भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी से यह साफ है कि भारत में एआई के जिम्मेदार उपयोग को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह रिकॉर्ड सिर्फ एक संख्या नहीं है बल्कि यह दिखाता है कि लोग डिजिटल जिम्मेदारी को गंभीरता से ले रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि भारत को एआई के क्षेत्र में एक भरोसेमंद और जिम्मेदार वैश्विक नेता बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मदद करेगी।

जिम्मेदार एआई अपनाने में भारत बना उदाहरण

यह अभियान भारत के उस विजन को मजबूत करता है जिसमें एआई का उपयोग सुरक्षित, पारदर्शी और लोगों के हित में करने पर जोर दिया जा रहा है। इस रिकॉर्ड के साथ भारत ने दुनिया को यह दिखाया है कि नई तकनीक का इस्तेमाल जिम्मेदारी और सही तरीके से करना बहुत जरूरी है और यही भविष्य की सही दिशा है।


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