2027 में दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन, 320 किमी प्रति घंटा होगी रफ्तार; रेलवे ने Video जारी कर किया कन्फर्म
भारत की पहली बुलेट ट्रेन सेवा अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलेगी।

नई दिल्ली। भारत की पहली बुलेट ट्रेन का इंतजार अब अंतिम चरण में पहुंचता दिख रहा है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है और सरकार के मुताबिक पहली हाई-स्पीड रेल सेवा अगस्त 2027 में शुरू होने की उम्मीद है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी 2027 में बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होने की बात कह चुके हैं। हालांकि, शुरुआती परिचालन पूरे मुंबई-अहमदाबाद रूट पर एक साथ नहीं होगा। पहले चरण में सूरत-वापी सेक्शन को चालू करने की योजना है।
320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 508 किलोमीटर है। इसकी डिजाइन स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा रखी गई है, जबकि परिचालन गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस कॉरिडोर पर आधुनिक रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग और ट्रेन कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा।
पूरे कॉरिडोर पर मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा का समय करीब 1 घंटे 58 मिनट रहने का अनुमान है। इसका मतलब है कि हाई-स्पीड रेल सेवा शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा में मौजूदा समय की तुलना में बड़ा अंतर आ सकता है।
पहले सूरत-वापी सेक्शन से शुरू होगा परिचालन
बुलेट ट्रेन परियोजना को चरणों में शुरू किया जा रहा है। सरकार की जुलाई 2026 की जानकारी के अनुसार, 2027 में सबसे पहले सूरत-बिलिमोरा सेक्शन से सेवा शुरू करने की बात कही गई थी और इसके बाद सेवा को वापी, अहमदाबाद और अंततः मुंबई तक बढ़ाने की योजना बताई गई थी। वहीं बाद की सरकारी फैक्टशीट में शुरुआती हाई-स्पीड रेल सेवा के लिए सूरत-वापी सेक्शन का उल्लेख किया गया है। इसलिए शुरुआती सेक्शन को लेकर आधिकारिक दस्तावेजों में चरणवार विवरण अलग-अलग समय पर सामने आया है।
12 स्टेशनों से जुड़ेगा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर
पूरे 508 किमी कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें मुंबई (BKC), ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। साबरमती स्टेशन को मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां बुलेट ट्रेन के साथ मेट्रो, BRTS और रेलवे नेटवर्क को जोड़ा जाएगा।
सुरंग, पुल और ट्रैक पर तेजी से काम
मुंबई-अहमदाबाद परियोजना में सिर्फ ट्रैक बिछाने का काम ही नहीं, बल्कि पुल, वायाडक्ट, सुरंग, स्टेशन, सिग्नलिंग और बिजली व्यवस्था जैसे कई हिस्सों पर एक साथ काम किया जा रहा है। जुलाई 2026 में रेल मंत्री ने बताया था कि परियोजना का करीब 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
रेलवे के मुताबिक यह परियोजना भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक के लिए आधार तैयार कर रही है। इसके तहत विकसित इंजीनियरिंग, निर्माण और तकनीकी क्षमताओं का इस्तेमाल भविष्य में प्रस्तावित अन्य हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में भी किया जा सकता है।


