भारत-बेल्जियम रिश्तों को नई ताकत, पीएम मोदी और बार्ट डी वेवर की मुलाकात में रक्षा से ग्रीन एनर्जी तक कई मुद्दों पर चर्चा
पीएम नरेंद्र मोदी और बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर की मुलाकात में रक्षा, जोरावर टैंक, ग्रीन अमोनिया, व्यापार, स्टार्टअप और स्वच्छ ऊर्जा पर चर्चा हुई।

रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा पर बढ़ेगा सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त बयान में कहा कि भारत-बेल्जियम सहयोग अब पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़कर रक्षा और स्वच्छ ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि दोनों देश आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने विशेष रूप से जोरावर टैंक का उल्लेख किया। इसके अलावा आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में बड़े ग्रीन अमोनिया प्रोजेक्ट को भी दोनों देशों के सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा और नई तकनीक आने वाले समय में भारत-बेल्जियम साझेदारी के प्रमुख क्षेत्र होंगे।
प्रथम विश्व युद्ध के बलिदान को किया याद
पीएम मोदी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान बेल्जियम में हजारों भारतीय सैनिकों के साहस और बलिदान की साझा स्मृति दोनों देशों के रिश्तों को ऐतिहासिक आधार देती है।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार आधारित अर्थव्यवस्था और लोगों के बीच मजबूत संबंध भारत और बेल्जियम को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं।
व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य
दोनों देशों ने आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के लिए भारत-बेल्जियम बिजनेस फोरम को नियमित व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई। वित्तीय, फिनटेक और नियामक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने की भी योजना है। भारत का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना है।
इसके साथ ही स्टार्टअप, विश्वविद्यालयों, रिसर्च और समुद्री क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। प्रतिभाओं की आवाजाही को आसान बनाने के लिए माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट पर आगे बढ़ने की बात कही गई।
राजघाट पहुंचकर गांधी को दी श्रद्धांजलि
बैठक से पहले बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ विजिटर बुक में अपने विचार भी दर्ज किए।
डी वेवर फरवरी 2025 में बेल्जियम के प्रधानमंत्री बने थे और यह उनकी भारत की पहली आधिकारिक यात्रा है। करीब दो दशकों बाद किसी बेल्जियम प्रधानमंत्री का भारत दौरा हो रहा है। उनके साथ रक्षा और विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन तथा उच्चस्तरीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है।
इस यात्रा से भारत-बेल्जियम के साथ-साथ भारत-यूरोपीय संघ और व्यापक भारत-यूरोप संबंधों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।


