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मॉक संसद में खरगे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पेश किया ‘जन महाभियोग’, बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया जाए

INDIA गठबंधन की मॉक संसद में मल्लिकार्जुन खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ प्रस्ताव पेश किया। खरगे और गौरव गोगोई ने वोट चोरी और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

मॉक संसद में खरगे ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ पेश किया ‘जन महाभियोग’, बोले- मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाया जाए
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नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी गठबंधन INDIA ने अपना विरोध तेज कर दिया है। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के दिल्ली स्थित आवास पर ‘मॉक संसद’ आयोजित की गई। विपक्ष ने इसे ‘जन महाभियोग’ नाम दिया है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार की अध्यक्षता में शुरू हुए इस प्रतीकात्मक सत्र में खरगे ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। विपक्ष ने चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए।

खरगे बोले- वोटों की चोरी के सैकड़ों उदाहरण

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि देश में वोटों की चोरी की जा रही है और इसके सैकड़ों उदाहरण मौजूद हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून पर भी सवाल उठाए।

खरगे का आरोप है कि दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों के निलंबन के बाद यह कानून पारित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस कानून के जरिए चुनाव आयुक्तों को कानूनी सुरक्षा दी गई है, जो उनके मुताबिक अनुचित है। खरगे ने केंद्र सरकार पर चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 2014 के बाद से सत्ता हासिल करने और उसे बनाए रखने के लिए राजनीतिक दलों में फूट डालने, सरकारें गिराने और केंद्रीय जांच एजेंसियों के इस्तेमाल जैसे कदम उठाए गए हैं।

गौरव गोगोई ने CEC से मांगी नैतिक जवाबदेही

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि यह जनहित से जुड़ा बेहद महत्वपूर्ण मामला है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से अपनी जिम्मेदारियों को समझने और जनता के सामने नैतिक जवाबदेही स्वीकार करने की अपील की। गोगोई ने कहा कि यदि वह ऐसा नहीं करते हैं तो जनता उन्हें जवाबदेह ठहराएगी।

वहीं, कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा कि यह कोई दिखावटी संसद नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग है। उनके मुताबिक, इस कार्यक्रम में INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ नागरिक समाज के प्रतिनिधि भी शामिल हो रहे हैं।

मीरा कुमार की अध्यक्षता में हुई कार्यवाही

दिल्ली के 10, राजाजी मार्ग स्थित खरगे के आवास पर आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, विपक्षी दलों के प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समापन संबोधन देंगे।

हालांकि, ‘जन महाभियोग’ एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध है, न कि संसद की संवैधानिक कार्यवाही। इस कार्यक्रम में पेश प्रस्ताव से मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाया नहीं जा सकता। विपक्ष का उद्देश्य चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाकर राजनीतिक और सार्वजनिक दबाव बनाना है।

बारिश के कारण बदली कार्यक्रम की तारीख

यह आयोजन पहले शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे होना था। हालांकि, दिल्ली में लगातार बारिश के चलते इसे एक दिन के लिए टाल दिया गया। अब शनिवार को 10, राजाजी मार्ग स्थित खरगे के आवास पर विपक्षी दलों के नेता और नागरिक समाज के प्रतिनिधि जुटेंगे।

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कार्यक्रम को लेकर कहा कि यह कोई दिखावटी संसद नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सार्वजनिक महाभियोग है। उनके मुताबिक, INDIA गठबंधन के नेताओं के अलावा नागरिक समाज के लोग भी इसमें शामिल होने के लिए उत्सुक हैं।

क्या पद से हटाए जा सकते हैं मुख्य चुनाव आयुक्त?

‘जन महाभियोग’ नाम दिए जाने के बावजूद यह संसद की आधिकारिक संवैधानिक कार्यवाही नहीं है। इस कार्यक्रम में पेश या पारित होने वाला प्रस्ताव मुख्य चुनाव आयुक्त को उनके पद से नहीं हटा सकता। यह विपक्ष की ओर से आयोजित एक प्रतीकात्मक राजनीतिक विरोध है, जिसका उद्देश्य चुनाव आयोग पर सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव बनाना है।

कई जगह नहीं मिली आयोजन की अनुमति

कांग्रेस के अनुसार, शुरुआत में इस कार्यक्रम को सरकारी स्वामित्व वाले अशोक होटल में आयोजित करने की योजना थी। पार्टी का आरोप है कि पहले सहमति मिलने के बाद पुलिस के हस्तक्षेप से अनुमति वापस ले ली गई। इसके बाद रामलीला मैदान सहित तालकटोरा स्टेडियम, कॉन्स्टिट्यूशन क्लब, मावलंकर हॉल और डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर जैसे स्थानों पर भी आयोजन की संभावना तलाशी गई, लेकिन वहां अनुमति या बुकिंग नहीं मिल सकी।

कांग्रेस ने इन घटनाओं के लिए सरकारी हस्तक्षेप को जिम्मेदार ठहराया है। आखिरकार खरगे के आवास को कार्यक्रम का स्थल बनाया गया। इस आयोजन के जरिए INDIA गठबंधन चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना राजनीतिक विरोध तेज करने की तैयारी में है।


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