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आईआईटी बॉम्बे में 7 महीने में 3 छात्रों की मौत, चैट जीपीटी विवाद के बाद भड़का गुस्सा; जानें पूरा मामला

आईआईटी बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोड़े की मौत के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रदर्शन किया। चैट जीपीटी परीक्षा विवाद, प्रशासन के पक्ष और छात्रों के आरोपों से समझें पूरा मामला।

आईआईटी बॉम्बे में 7 महीने में 3 छात्रों की मौत, चैट जीपीटी विवाद के बाद भड़का गुस्सा; जानें पूरा मामला
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मुंबई। देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में शामिल IIT बॉम्बे में एक छात्र की मौत के बाद कैंपस में तनाव की स्थिति बन गई है। 19 वर्षीय सेकंड ईयर छात्र साहिल वाकोड़े की शुक्रवार को मौत के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह घटना परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन और ChatGPT के इस्तेमाल से जुड़े विवाद के कुछ घंटे बाद हुई। पुलिस मामले की परिस्थितियों की जांच कर रही है।

परीक्षा में ChatGPT इस्तेमाल करने का क्या है मामला?

IIT बॉम्बे के मुताबिक, एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के छात्र साहिल को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान के अनुसार, छात्र ने परीक्षा के प्रश्नपत्र को ChatGPT पर अपलोड कर उत्तर हासिल करने की कोशिश की थी।

संस्थान का कहना है कि घटना के बाद छात्र के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। शिक्षक और विभागाध्यक्ष ने उससे बातचीत और काउंसलिंग की तथा उसे आश्वस्त किया कि इस घटना का उसके अकादमिक करियर पर प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद वह हॉस्टल लौट गया, जहां बाद में उसे मृत पाया गया।

छात्रों का आरोप- एक साल के सस्पेंशन की बात कही गई

दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों का दावा है कि साहिल को एक साल के सस्पेंशन की चेतावनी दी गई थी। छात्रों के मुताबिक, ऐसी कार्रवाई होने पर उसकी पढ़ाई और ग्रेजुएशन की अवधि प्रभावित हो सकती थी।

हालांकि, यह दावा IIT बॉम्बे के आधिकारिक बयान से मेल नहीं खाता। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि छात्र के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इसलिए इस समय यह स्पष्ट नहीं है कि परीक्षा के बाद वास्तव में छात्र के साथ क्या बातचीत हुई और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई।

7 महीने में तीसरी छात्र मौत से बढ़ी चिंता

साहिल की मौत के बाद छात्रों ने कैंपस में मानसिक स्वास्थ्य, प्रशासनिक पारदर्शिता और छात्र सहायता व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, यह पिछले सात महीनों में IIT बॉम्बे के पवई कैंपस में छात्र की तीसरी आत्महत्या की घटना है। फरवरी और जुलाई में भी दो छात्रों की मौत की घटनाएं सामने आई थीं।

400 से ज्यादा छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से घटनाओं की जानकारी सार्वजनिक करने और जवाबदेही तय करने की मांग की। छात्रों के प्रदर्शन के बीच चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं भी स्थगित की गईं।

जांच और जवाबदेही की मांग

छात्र प्रशासन से लिखित रिपोर्ट और स्वतंत्र जांच का आश्वासन मांग रहे हैं। वहीं, साहिल के माता-पिता ने भी घटना की परिस्थितियों की जांच की मांग की है। पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि परीक्षा में हुई घटना के बाद साहिल के साथ वास्तव में क्या बातचीत हुई थी और उसकी मौत से पहले की परिस्थितियां क्या थीं। इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।


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