IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा मंजूर, आज से प्रशासनिक सेवा से पूरी तरह मुक्त
2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल का इस्तीफा केंद्र सरकार ने मंजूर कर लिया है। 15 सितंबर 2026 से वह प्रशासनिक सेवा से पूरी तरह मुक्त हो गई हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल अब प्रशासनिक सेवा का हिस्सा नहीं रहेंगी। केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। उनका इस्तीफा 15 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है। दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त को व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला देते हुए स्वैच्छिक इस्तीफा दिया था।
राज्य सरकार की ओर से इस्तीफे का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था, जिसके बाद DoPT की प्रक्रिया पूरी हुई। दिव्या ने सोशल मीडिया के जरिए भी अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की थी।
देवरिया डीएम पद से हटाए जाने के बाद बदली भूमिका
दिव्या मित्तल को मई 2026 में देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद से उनके प्रशासनिक करियर को लेकर चर्चाएं तेज थीं। हालांकि, उन्होंने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत और पारिवारिक प्राथमिकताओं को वजह बताया।
इससे पहले दिव्या मित्तल ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। उनकी पहली तैनाती मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में हुई थी। इसके बाद वह गौतमबुद्ध नगर की CDO, कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष रहीं। उन्होंने संतकबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया के जिलाधिकारी के तौर पर भी जिम्मेदारी संभाली।
आईआईटी दिल्ली और आईआईएम बेंगलुरु से पढ़ाई
दिव्या मित्तल का जन्म 23 नवंबर 1983 को हरियाणा के रेवाड़ी में हुआ था। उन्होंने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग और IIM बेंगलुरु से MBA किया। पढ़ाई के बाद वह अपने पति गगनदीप सिंह ढिल्लों के साथ लंदन चली गई थीं। दोनों ने वहां नौकरी की, लेकिन बाद में विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटे और यूपीएससी की तैयारी शुरू की।
दिव्या ने 2013 में सिविल सेवा परीक्षा पास की और आइएएस बनीं। उनके पति गगनदीप सिंह ढिल्लों 2011 बैच के भारतीय व्यापार सेवा (ITS) अधिकारी रहे हैं और उन्होंने 2022 में सरकारी सेवा से इस्तीफा दिया था।
क्या राजनीति में उतरेंगी दिव्या मित्तल?
दिव्या मित्तल के इस्तीफे के बाद उनके राजनीति में आने की अटकलें भी तेज हैं। चर्चा है कि वह भविष्य में मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, इस संबंध में उनकी ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
इस्तीफे के समय दिव्या ने मिर्जापुर से जुड़ी एक भावुक स्मृति साझा की थी। उन्होंने लहुरिया दह की एक बुजुर्ग महिला का जिक्र करते हुए लिखा था कि गांव में पहली बार पानी पहुंचने पर मिले आशीर्वाद को वह जीवनभर नहीं भूलेंगी। उनकी पोस्ट में देश की मिट्टी से मिले सपने को आगे भी बनाए रखने की बात कही गई थी।


