हल्दिया रिफाइनरी में भीषण आग: 15 झुलसे, 6 की हालत गंभीर; ग्रीन कॉरिडोर से कोलकाता भेजे जा रहे घायल
पश्चिम बंगाल के हल्दिया रिफाइनरी क्षेत्र में मंगलवार सुबह भीषण आग लगने से 15 लोग झुलस गए, जिनमें 6 की हालत गंभीर है। घायलों को ग्रीन कॉरिडोर के जरिए कोलकाता भेजा जा रहा है, जबकि हल्दिया-पांशकुड़ा रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

आग ने लिया विकराल रूप, दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर
जानकारी के अनुसार, आग हल्दिया के 13 नंबर वार्ड स्थित चिरंजीपुर इलाके में रिफाइनरी परिसर के एक हिस्से में लगी। शुरुआती स्तर पर आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की छह गाड़ियां भेजी गई थीं, लेकिन आग की भयावहता को देखते हुए छह अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी मौके पर तैनात करना पड़ा। फिलहाल कुल 12 दमकल इंजन आग पर काबू पाने में जुटे हुए हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगने के बाद इलाके में धुएं का घना गुबार फैल गया, जिससे आसपास के क्षेत्रों में भी दहशत का माहौल बन गया। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को घेरकर राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
गंभीर घायलों को ग्रीन कॉरिडोर से भेजा गया कोलकाता
हादसे में झुलसे 15 लोगों को पहले हल्दिया के स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने छह लोगों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें कोलकाता रेफर करने का निर्णय लिया। प्रशासन ने तत्काल ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था कर एंबुलेंसों को बिना किसी बाधा के राजधानी तक पहुंचाने की व्यवस्था की।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गंभीर घायलों का विशेष चिकित्सा निगरानी में इलाज किया जाएगा। अन्य घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
रेल सेवाओं पर भी पड़ा असर
आग की घटना का असर रेल यातायात पर भी देखने को मिला। सुरक्षा कारणों से हल्दिया-पांशकुड़ा रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से प्रभावित हुई। रेलवे अधिकारियों ने कुछ ट्रेनों को रोका जबकि कुछ के मार्ग में बदलाव किया गया। यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए रेलवे लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
आग लगने के कारणों की जांच शुरू
प्रशासन और रिफाइनरी प्रबंधन ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती तौर पर आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। तकनीकी विशेषज्ञों और सुरक्षा अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है।
अधिकारियों का कहना है कि आग पूरी तरह बुझने के बाद ही नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। फिलहाल प्राथमिकता घायलों के उपचार और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने की है।


