गुरुग्राम दुष्कर्म मामले में शीर्ष अदालत का गुस्सा फूटा, कहा- हरियाणा पुलिस का रवैया शर्मनाक
हरियाणा के गुरुग्राम में तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर हरियाणा पुलिस को फटकार लगाई है। अदालत ने पुलिस के रवैये को शर्मनाक बताया है। जानिए कोर्ट ने क्या बातें कहीं।

नई दिल्ली। गुरुग्राम में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए भीषण यौन हमले की जांच में देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाई है। अदालत ने गुरुग्राम पुलिस को फटकारते हुए पूछा- क्या आप 4 साल की बच्ची के साथ ऐसा बर्ताव करते हैं? सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में जांच में देरी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था- चार हफ्ते हो चुके हैं और अब तक कुछ भी नहीं किया गया।
3 मेंबर वाली SIT गठन का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने बच्ची के रेप केस की जांच के लिए हरियाणा कैडर की महिला IPS अधिकारियों वाली तीन मेंबर वाली SIT बनाई है। अदालत ने हरियाणा सरकार को SIT को जल्द से जल्द नोटिफाई करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही गुरुग्राम पुलिस से गुरुवार तक केस रिकॉर्ड सौंपने को कहा है।
अब तक नहीं हुई कोई कार्रवाई
मुकुल रोहतगी ने बताया- पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया है, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। न ही घटनास्थल को सुरक्षित किया गया है और न ही सीसीटीवी फुटेज जुटाई गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि मामले में घरेलू सहायिकाओं की भूमिका हो सकती है।
सीबीआई और एसआईटी जांच की मांग
संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में एक रिट याचिका दायर करते हुए बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले की जांच में सीबीआई या एसआईटी की जांच की मांग की गई है। मुकुल रोहतगी ने जांच में हो रही देरी पर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा था- कृपया गुरुग्राम पुलिस को हटाइए और या तो CBI को मामला दीजिए या SIT बनाई जाए!


