गुजरात में UCC लागू करने की अंतिम तैयारी, शादी-तलाक और लिव-इन पर बनेंगे सख्त नियम
UCC in Gujarat: उत्तराखंड के बाद अब भाजपा सरकार गुजरात में भी यूसीसी लागू करने वाली है। सूत्रों के अनुसार, सरकार मौजूदा बजट सत्र के दौरान विधानसभा में यूसीसी बिल पेश कर सकती है।

अहमदाबाद। UCC in Gujarat: उत्तराखंड के बाद अब भाजपा सरकार गुजरात ने भी यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की तैयारी में है। विशेषज्ञ समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को सौंप दी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार मौजूदा बजट सत्र के दौरान विधानसभा में यूसीसी बिल पेश कर सकती है। इसमें शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप के लिए खास प्रावधान शामिल होंगे।
जानकारी के अनुसार, पांच सदस्यीय इस समिति का गठन 4 फरवरी 2025 को किया गया था, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना देसाई कर रही थीं। समिति ने राज्यभर में सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक पक्षों से विचार-विमर्श करने के बाद अपनी सिफारिशें और ड्राफ्ट कानून मुख्यमंत्री को उनके आवास पर सौंप दिया।
23 मार्च को रिपोर्ट पेश होगी, 24 को बिल लाने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, यूसीसी से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा मौजूदा विधानसभा सत्र में ही की जाएगी। रिपोर्ट 23 मार्च को सदन में रखी जा सकती है, जबकि 24 मार्च को बिल पेश किए जाने की संभावना है, जो इस बजट सत्र का अंतिम दिन भी है। अगर यह बिल पास हो जाता है, तो गुजरात, उत्तराखंड के बाद UCC लागू करने वाला देश का दूसरा राज्य बन जाएगा।
शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशन के लिए खास प्रावधान
प्रस्तावित यूसीसी कानून में शादी, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। ड्राफ्ट के मुताबिक, शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशन का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। बहुविवाह पर रोक लगेगी। महिलाओं को समान संपत्ति अधिकार दिए जाएंगे। सभी धर्मों पर एक समान नियम लागू होंगे। हलाला जैसी कुप्रथाओं पर रोक का प्रस्ताव है। महिलाओं की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष ही रहेगी।
जेंडर इक्वलिटी की दिशा में कदम
राज्य सरकार इस पहल को जेंडर इक्वलिटी और सभी नागरिकों के लिए एक समान कानूनी ढांचा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। आने वाले दिनों में विधानसभा में इस बिल पर चर्चा के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।
यूसीसी लागू करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य
उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने 27 जनवरी 2025 से यूसीसी लागू किया। इस कानून का उद्देश्य राज्य के सभी नागरिकों के लिए, उनके धर्म की परवाह किए बिना विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में समान नियम सुनिश्चित करना है। यूसीसी के तहत विवाह और लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, साथ ही बहुविवाह और बाल विवाह जैसी प्रथाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इस कानून की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें बेटों और बेटियों को संपत्ति में समान अधिकार दिए गए हैं।


