हमले के दौरान हनुमान चालीसा पढ़ता रहा, उसी से मिली हिम्मत: फ्लाईदुबई पायलट स्मित मच्छार ने पीएम मोदी को बताया अनुभव
फ्लाईदुबई पायलट स्मित मच्छार ने PM मोदी से बातचीत में बताया कि हमले के दौरान वह हनुमान चालीसा पढ़ते रहे। घायल होने के बावजूद उन्होंने 170 यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी।

नई दिल्ली। फ्लाईदुबई के पायलट स्मित मच्छार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के दौरान उस खौफनाक घटना का अनुभव साझा किया, जब उड़ान के दौरान उनके को-पायलट ने कथित तौर पर उन पर जानलेवा हमला किया था। गंभीर स्थिति के बावजूद मच्छार ने विमान पर नियंत्रण बनाए रखा और उसमें सवार करीब 170 यात्रियों की जान बचाने के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे। उन्होंने बताया कि उस मुश्किल वक्त में हनुमान चालीसा का पाठ उन्हें मानसिक मजबूती देता रहा।
‘मैं हनुमान चालीसा पढ़ता रहा, भगवान हनुमान ने हिम्मत दी’
प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान स्मित मच्छार ने कहा कि संकट के समय वह लगातार हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे। उनके मुताबिक, इससे उन्हें हिम्मत और हौसला मिला। उन्होंने कहा कि वह और उनका बेटा नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।
मच्छार ने प्रधानमंत्री से कहा कि वह भारत से दूर रहते हैं, लेकिन अपनी संस्कृति से खुद को कभी दूर नहीं मानते। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि कभी प्रधानमंत्री से बात करने का अवसर मिलेगा।
घायल होने के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा को बनाया प्राथमिकता
स्मित मच्छार ने बताया कि हमले के दौरान उन्हें अपनी जिंदगी और विमान में मौजूद यात्रियों दोनों के लिए खतरा दिखाई दे रहा था। उन्होंने कहा कि उस समय उनके सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी विमान में मौजूद लोगों की जान बचाना थी।
उन्होंने बताया कि एक प्रशिक्षित पायलट होने के कारण वह स्थिति की गंभीरता और संभावित परिणाम को समझ रहे थे। इसी वजह से उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने का फैसला किया। इसके बाद कुछ यात्री कॉकपिट में पहुंचे और हालात को संभालने में मदद की।
मच्छार ने कहा कि वह खुद घायल थे, लेकिन उनके दिमाग में सिर्फ एक बात चल रही थी कि किसी भी हालत में यात्रियों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। उनके मुताबिक, वह उस समय अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे थे, लेकिन विमान में बैठे यात्रियों की सुरक्षा उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण थी।
पीएम मोदी ने कहा- देश को आपके साहस पर गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बातचीत के दौरान स्मित मच्छार के साहस की सराहना की। पीएम ने कहा कि पूरा देश उनके लिए प्रार्थना कर रहा था और उनके साहस ने कई लोगों की जिंदगी बचाने में मदद की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मच्छार ने अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि उनके साहस से देश का गौरव बढ़ा है।
पीएम मोदी ने पायलट से कहा कि भारत की पहचान लोगों की जान बचाने और मुश्किल समय में मानवता के साथ खड़े होने से है। उन्होंने मच्छार को धन्यवाद देने के बजाय उनके साहस पर गर्व व्यक्त किया।
मुश्किल घड़ी में विश्वास बना सहारा
स्मित मच्छार की बातचीत में उनके पेशेवर प्रशिक्षण के साथ व्यक्तिगत आस्था का भी उल्लेख सामने आया। उन्होंने बताया कि संकट की उस घड़ी में हनुमान चालीसा उनके लिए मानसिक संबल बनी। घायल होने के बावजूद विमान और यात्रियों को सुरक्षित रखने की उनकी कोशिश ने इस घटना को एक असाधारण आपातकालीन स्थिति के रूप में सामने रखा।


