हाईजैकिंग के अलर्ट से मचा हड़कंप, दुबई से तेल अवीव जा रहा फ्लाईदुबई विमान सऊदी में उतरा
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में 7500 हाईजैक अलर्ट से हड़कंप मच गया। विमान को सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।

नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की एक यात्री उड़ान में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान से लगातार दो इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड प्रसारित हुए। विमान ने पहले 7700 स्क्वॉक कोड भेजा, जो सामान्य आपात स्थिति का संकेत देता है। इसके बाद कुछ समय के लिए 7500 कोड सक्रिय हुआ, जिसका इस्तेमाल विमान के अपहरण या किसी अन्य गैरकानूनी हस्तक्षेप की स्थिति में किया जाता है। घटना के बाद विमान ने अपना रास्ता बदला और सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर उतर गया।
7500 कोड से बढ़ी हाईजैकिंग की आशंका
फ्लाइट के 7500 कोड भेजने के बाद इजरायल में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। शुरुआती जानकारी में विमान के संभावित हाईजैक होने की आशंका जताई गई। रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली वायुसेना के लड़ाकू विमानों को भी विमान की निगरानी के लिए रवाना किया गया।
हालांकि, बाद की रिपोर्टों में इजरायली सुरक्षा सूत्रों के हवाले से कहा गया कि विमान के हाईजैक होने की कोई पुष्टि नहीं हुई थी। विमान के सऊदी अरब की ओर डायवर्ट होने के बाद ताबुक में इसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। विमान में 170 से अधिक यात्री सवार होने की जानकारी सामने आई है।
पायलटों के बीच विवाद की बात सामने आई
घटना की शुरुआती जांच में एक अलग जानकारी भी सामने आई है। इजरायली मीडिया में सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया गया कि विमान में दोनों पायलटों के बीच विवाद हुआ था और इसी घटनाक्रम के दौरान इमरजेंसी सिग्नल सक्रिय हुए। कुछ रिपोर्टों में इसे कॉकपिट में हुई कथित झड़प से भी जोड़ा गया है।
हालांकि, पायलटों के बीच विवाद ही 7500 कोड सक्रिय होने की वास्तविक वजह थी या नहीं, इसकी आधिकारिक और विस्तृत पुष्टि अभी जांच का विषय है।
ताबुक में सुरक्षित उतरा विमान
फ्लाइट ने अपना निर्धारित दुबई-तेल अवीव मार्ग छोड़कर सऊदी अरब की तरफ रुख किया और ताबुक एयरपोर्ट पर लैंडिंग की। ताबुक एयरपोर्ट का इस्तेमाल नागरिक उड़ानों के साथ-साथ सैन्य गतिविधियों के लिए भी किया जाता है।
घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री की ओर से सुरक्षा परामर्श किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई। फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि विमान में वास्तव में क्या हुआ था और इमरजेंसी कोड भेजने की परिस्थितियां क्या थीं। सभी यात्रियों और चालक दल के सुरक्षित होने की जानकारी है।


