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ममता के गढ़ फलता में भाजपा की प्रचंड जीत, देबांग्शु पांडा ने 1 लाख से ज्यादा वोटों से हराया

बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर हुए रिपोल की मतगणना में बीजेपी उम्मीदवार देबांग्शु पांडा भारी मतों से जीत गए हैं। करीब 1 लाख वोटों से अपने विरोधियों को हराया। यह सीट पहले टीएमसी के पास थी, इसलिए इस नतीजे को राज्य की राजनीति में बड़ा संकेत माना जा रहा है।

ममता के गढ़ फलता में भाजपा की प्रचंड जीत, देबांग्शु पांडा ने 1 लाख से ज्यादा वोटों से हराया
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट के लिए रविवार सुबह से चल रही काउंटिंग पूरी हो चुकी है। ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक के करीबी माने जाने वाले जहांगीर खान की करारी हार हुई। भाजपा के उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने एक लाख से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की है। जहांगीर खान ने 21 मई को फिर से हुई वोटिंग से ठीक पहले अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली थी।

हालांकि, उम्मीदवारी वापस लेने का समय निकल जाने की वजह से ईवीएम में उनका नाम था और सात हजार से ज्यादा वोट पड़े। जहांगीर को फलता का पुष्पा भी कहा जाता है। फलता विधानसभा डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है और डायमंड हार्बर को अभिषेक बनर्जी का गढ़ भी माना जाता रहा है।

काउंटिंग की शुरुआत से ही भाजपा उम्मीदवार को बड़ी बढ़त मिल गई थी। जहांगीर की हालत इतनी खराब हो गई कि वह सीपीआईएम, कांग्रेस उम्मीदवार से भी पिछड़ गए और चौथे नंबर पर चले गए। देबांग्शु पांडा को एक लाख से ज्यादा वोटों से (109021) यह जीत मिली। बंगाल चुनाव के दौरान, फलता के कई बूथों पर धांधली का आरोप लगाया गया था। कई ईवीएम पर भाजपा के चिह्र के ऊपर टेप लगाकर उसे छिपा दिया गया था। भाजपा की शिकायत के बाद, फलता में चुनाव आयोग ने फिर से वोटिंग का आदेश दिया और 21 मई को सीट पर नए सिरे से मतदान हुआ।

जहांगीर खान ने बंगाल चुनाव के दौरान अपनी छवि पुष्पा वाली बना रखी थी अक्सर वह झुकेगा नहीं वाले अंदाज में बयान देते थे। यूपी के आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा को एक विवाद के दौरान जवाब देते हुए कहा था कि अगर वह सिंघम हैं तो मैं पुष्पा हूं। इसके बाद से जहांगीर को फलता का पुष्पा भी कहा जाने लगा और मीडिया में इसी नाम से संबोधित किया जाने लगा।

फलता के वोटर्स का आभारी: शुभेंदु अधिकारी

देबांग्शु की जीत पर बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने टीएमसी पर निशाना साधा है। उन्होंने एक्स पर लिखा, ''बदनाम ‘डायमंड हार्बर’ मॉडल अब ‘तृणमूल के नुकसान’ का मॉडल बन गया है। सबसे पहले और सबसे जरूरी बात, मैं फलता के लोगों, उस दिव्य जनता के सामने नतमस्तक होकर उन्हें प्रणाम करता हूं, जिन्होंने फलता विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार देबांग्शु को विधानसभा भेजने के लिए एक जोरदार जनादेश दिया।

मैं फलता के मतदाताओं का विशेष रूप से आभारी हूं। मैंने उनसे अपील की थी कि वे भाजपा उम्मीदवार की जीत एक लाख वोटों के अंतर से सुनिश्चित करें, और जीत का अंतर एक लाख आठ हजार से भी ज्यादा हो गया है। हम विकास के जरिए इस कर्ज को चुकाएंगे। हम एक ‘स्वर्णिम फलता’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।''

फलता के नतीजों पर अभिषेक बनर्जी का ईसी पर हमला

फलता के नतीजों पर अभिषेक बनर्जी ने चुनाव आयोग (ईसी) पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि दोबारा हुए मतदान की गिनती में कई बड़ी विसंगतियां सामने आई हैं। आज दोपहर 3:30 बजे तक, सभी 21 राउंड पूरे हो चुके थे। 4 मई को, इसी समय तक, केवल 2-4 राउंड ही पूरे हुए थे। देश चुनाव आयोग से इस बारे में स्पष्टीकरण का हकदार है। हालांकि पिछले 10 दिनों में फलता के 1000 से ज़्यादा कार्यकर्ताओं को अपने घर छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा है, फिर भी चुनाव आयोग ने इस पर आंखें मूंदे रखीं। जब आदर्श आचार संहिता लागू थी, तब भी दिन-दहाड़े पार्टियों के दफ़्तरों में तोड़-फोड़ की गई।


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