बंगाल में फिर बवाल; खेत में मिले वोटर कार्ड; TMC दफ्तर से 100 से अधिक आधार कार्ड बरामद
बिधाननगर के बसंती देवी कॉलोनी में स्थित TMC के स्थानीय पार्टी ऑफिस से रविवार सुबह पुलिस ने 100 से ज्यादा आधार कार्ड, पैन कार्ड और जमीन संबंधी दस्तावेज बरामद किए। इसकी सूचना मिलते ही राजनीतिक बवाल शुरू हो गया।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में रविवार को खेत में बड़ी संख्या में EPIC वोटर कार्ड बिखरे पड़े मिले, जबकि बिधाननगर में तृणमूल कांग्रेस के दफ्तर से 100 से अधिक आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए। दोनों घटनाओं ने राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू कर दिया है और पुलिस ने दोनों मामलों में जांच शुरू कर दी है।
पहली घटना बीरभूम के नानूर ब्लॉक के किरनाहर इलाके में सामने आई। रविवार सुबह स्थानीय लोगों ने खेत में वोटर कार्ड बिखरे पड़े देखे। यह खेत एक पूर्व बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के घर के बगल में है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, पूर्व BLO हिरण्यप्रभा मेटे माजी से पूछताछ की गई। वे पहले बर्धमान जिले के केतुग्राम ब्लॉक में काम करती थीं। उन्होंने 2012 से 2025 तक बीएलओ के रूप में काम किया था, इसके बाद प्रशासनिक नियमों के अनुसार उन्हें हटा दिया गया। माजी ने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान वे नए वोटर कार्ड बांटते समय पुराने कार्ड जमा कर लेती थीं, लेकिन उन्हें ब्लॉक ऑफिस में जमा नहीं करवाती थीं। वे कार्ड अपने पास ही रखती थीं। उन्होंने लोगों को बताया, 'मेरे घर में नवीनीकरण का काम चल रहा था, इसलिए कागजात को एक बोरे में घर के पीछे रख दिया था। किसी ने उन्हें बाहर खेत में फेंक दिया होगा।
दूसरी घटना कहां पर हुई?
बिधाननगर में बसंती देवी कॉलोनी के वार्ड नंबर 36 में स्थित TMC के स्थानीय पार्टी ऑफिस से रविवार सुबह पुलिस ने 100 से ज्यादा आधार कार्ड, पैन कार्ड और जमीन संबंधी दस्तावेज बरामद किए। इसकी सूचना मिलते ही राजनीतिक बवाल शुरू हो गया। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि यह ऑफिस लंबे समय से अवैध गतिविधियों के लिए इस्तेमाल होता रहा है और इलाके के निवासियों के पहचान-पत्र वहां संदिग्ध मकसद से रखे जाते थे।
स्थानीय भाजपा नेताओं का कहना है कि मई 4 को विधानसभा चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस परिसर को ताला लगा दिया था। ताला खुलने पर ये दस्तावेज सामने आए। कुछ स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि इलाके के कई लोगों को पहले वोट डालने से रोका गया था और उनके पहचान दस्तावेज पार्टी ऑफिस में रख लिए गए थे। बिधाननगर साउथ थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सभी दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। TMC के स्थानीय नेतृत्व की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।


