दुष्यंत कुमार गौतम बने सिक्किम के 19वें राज्यपाल, अंकिता भंडारी केस को लेकर नियुक्ति पर विवाद
दुष्यंत कुमार गौतम ने सिक्किम के 19वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली। अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति टालने की मांग को लेकर गंगटोक से दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन हुए।

गंगटोक। दुष्यंत कुमार गौतम ने सिक्किम के 19वें राज्यपाल के रूप में शपथ ले ली है। गंगटोक स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में सिक्किम हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ए. मोहम्मद मुस्ताक ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। हालांकि, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े विवाद के बीच उनकी नियुक्ति को लेकर सिक्किम से लेकर दिल्ली तक विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से मांग की कि मामले में कथित VIP एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर पुनर्विचार किया जाए।
लोक भवन में हुआ शपथ ग्रहण समारोह
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, राज्य मंत्रिपरिषद के सदस्य, सिक्किम विधानसभा के अध्यक्ष, हाई कोर्ट के न्यायाधीश, लोकसभा सांसद, विधायक और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त राज्यपाल को मंत्रिपरिषद के सदस्यों, विधानसभा अध्यक्ष, विधायकों और अन्य प्रमुख लोगों से परिचित कराया।
इसके बाद सिक्किम सशस्त्र पुलिस की ओर से राज्यपाल को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 12 अक्टूबर 2026 को दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किया था। उन्होंने ओम प्रकाश माथुर का स्थान लिया है।
अंकिता भंडारी मामले को लेकर नियुक्ति का विरोध
दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के खिलाफ पिछले सप्ताह गंगटोक में कुछ युवाओं और जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासनिक केंद्र पर शांतिपूर्ण धरना दिया था। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार से नियुक्ति को फिलहाल टालने की मांग की।
उनका कहना है कि वर्ष 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित VIP एंगल को लेकर चल रही CBI जांच पूरी होने तक इस नियुक्ति पर फैसला टाल दिया जाना चाहिए। यह मांग प्रदर्शनकारियों की ओर से उठाई गई है। मामले में कथित VIP एंगल को लेकर उठे सवालों के बीच नियुक्ति राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गई है।
दिल्ली में भी अंकिता के माता-पिता ने जताया विरोध
इससे पहले दिल्ली के इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता ने भी दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति के विरोध में धरना दिया था। उनके साथ रेप विरोधी अभियान से जुड़ी कार्यकर्ता योगिता भयाना भी मौजूद थीं।
धरने के दौरान विपक्षी नेताओं ने भी परिवार के प्रति एकजुटता दिखाई। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के कई नेता वहां पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी मामले में जांच और जवाबदेही से जुड़े सवाल उठाए।
नई जिम्मेदारी के बीच विवाद पर नजर
दुष्यंत कुमार गौतम के राज्यपाल पद की शपथ लेने के साथ ही सिक्किम में उनका कार्यकाल शुरू हो गया है। दूसरी ओर, उनकी नियुक्ति को लेकर उठ रहे विरोध ने अंकिता भंडारी मामले को फिर चर्चा में ला दिया है। अब इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों की ओर से आने वाली प्रतिक्रियाओं पर नजर रहेगी।


