Top
Begin typing your search above and press return to search.

भारतीय निर्यातकों के लिए खुला यूके का विशाल बाजार; जानिए भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते की बड़ी बातें

भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) बुधवार से प्रभावी हो जाएगा। इससे एक तरफ देश के घरेलू निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, दूसरी तरफ भारतीय सामानों को यूके का बाजार मिलेगा।

भारतीय निर्यातकों के लिए खुला यूके का विशाल बाजार; जानिए भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते की बड़ी बातें
X

नई दिल्ली। भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (सीईटीए) बुधवार से प्रभावी हो जाएगा। इससे एक तरफ देश के घरेलू निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, दूसरी तरफ भारतीय सामानों को यूके का बाजार मिलेगा।

इस समझौते के तहत, स्कॉच व्हिस्की, जिन, चॉकलेट, बिस्कुट और कॉस्मेटिक्स जैसे कई ब्रिटिश उत्पादों पर टैरिफ 15 जुलाई से कम होने लगेंगे। हालांकि, कुछ चीजों पर ड्यूटी में कटौती आने वाले सालों में धीरे-धीरे लागू की जाएगी।

वहीं, भारतीय निर्यातकों को लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर जीरो-ड्यूटी एक्सेस मिलेगा, जिसमें यूके को होने वाले देश के निर्यात की लगभग पूरी वैल्यू शामिल है।

टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण, खेल का सामान और खिलौने जैसे ज्यादा लेबर वाले सेक्टर को इससे सबसे अधिक फायदा होने की उम्मीद है।

इसी तरह, इंजीनियरिंग का सामान, ऑटो पार्ट्स और ऑर्गेनिक केमिकल को भी बेहतर मार्केट एक्सेस से फायदा होगा।

ये नियम सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (सीबीआईसी) ने जारी किए थे। इनमें यह तय करने का तरीका बताया गया है कि क्या सामान समझौते के तहत खास टैरिफ सुविधा के लिए योग्य है या नहीं, और साथ ही निर्यातकों और आयतकों के लिए जरूरी नियमों की जानकारी भी दी गई है।

हाल ही में केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि सीईटीए से दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और इनोवेशन में सहयोग बढ़ेगा और साथ ही व्यापार और पेशेवरों के लिए नए मौके बनेंगे।

उन्होंने भारतीय कंपनियों से कहा कि वे यूके की कंपनियों के साथ अपने संबंध मजबूत करें और इस समझौते को लगातार बिजनेस ग्रोथ में बदलें।

इससे पहले जून में, केंद्रीय मंत्री ने कहा था कि यह अहम समझौता भारतीय किसानों, मछुआरों, कारीगरों और छोटे बिजनेस को ग्लोबल स्तर पर आगे बढ़ने और नौकरियां पैदा करने में मदद करेगा, साथ ही आम लोगों को अच्छी क्वालिटी का सामान सही कीमत पर मिल सकेगा।

उन्होंने कहा कि यूके के प्रीमियम मार्केट तक पहुंचने से महिला उद्यमियों, युवाओं, स्टार्टअप्स और एमएसएमई के ​​लिए आकर्षक ग्लोबल मौके बनेंगे, और साथ ही भारत के मुख्य हितों से समझौता किए बिना कमजोर वर्गों को सशक्त बनाया जा सकेगा।

14 दौर की बातचीत के बाद 24 जुलाई, 2025 को साइन किए गए सीईटीए में 30 चैप्टर हैं, जिनमें सामान, सर्विस, डिजिटल व्यापार, फाइनेंशियल सर्विस, इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी, इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और सरकारी खरीद शामिल हैं।

इसके अलावा, भारत 90 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर टैरिफ कम करेगा या खत्म कर देगा, जिसमें से 85 प्रतिशत अगले दशक में पूरी तरह से ड्यूटी-फ्री हो जाएंगी।

ब्रिटिश स्कॉच व्हिस्की पर टैरिफ शुरू में 150 प्रतिशत से घटाकर 75 प्रतिशत किया जाएगा और फिर 10 सालों में यह 40 प्रतिशत तक आ जाएगा, जबकि ब्रिटिश ऑटोमोबाइल पर ड्यूटी को कोटा-आधारित सिस्टम के तहत धीरे-धीरे कम किया जाएगा।

यह समझौता यूके में कुछ समय के लिए काम करने वाले योग्य भारतीय प्रोफेशनल्स को 'डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन' के जरिए राहत भी देता है, जिससे वे एक तय समय के लिए दोनों देशों में सोशल सिक्योरिटी कंट्रीब्यूशन देने से बच सकते हैं।

-


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it