खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- एक हमले में सब खत्म कर सकता हूं, लेकिन ऐसा करेंगे नहीं
अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहे तो ईरान के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर सकता है, लेकिन बातचीत का रास्ता खुला रखना जरूरी है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब तेहरान में लाखों लोग खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए सड़कों पर जुटे हैं और पूरी दुनिया ईरान-अमेरिका संबंधों पर नजर बनाए हुए है।
ट्रंप बोले- बातचीत का रास्ता खुला रहना चाहिए
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान के शीर्ष नेता इस समय एक ही स्थान पर मौजूद हैं और अमेरिका चाहे तो उन्हें आसानी से निशाना बना सकता है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि स्थायी समाधान है।
ट्रंप के अनुसार, यदि पूरे नेतृत्व को समाप्त कर दिया जाए तो भविष्य में बातचीत के लिए कोई पक्ष ही नहीं बचेगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान समझौते का इच्छुक है और दोनों देशों के बीच खामेनेई के अंतिम संस्कार की अवधि तक सैन्य गतिविधियां सीमित रखने पर सहमति बनी है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
छह दिनों तक चलेगा अंतिम संस्कार कार्यक्रम
अयातुल्ला अली खामेनेई करीब 36 वर्षों तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे। उनकी मृत्यु 28 फरवरी को उस समय हुई थी, जब अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद क्षेत्र में व्यापक सैन्य संघर्ष शुरू हुआ। युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण उनका अंतिम संस्कार तत्काल नहीं हो सका।
अब 4 जुलाई से अंतिम संस्कार की रस्में शुरू हो चुकी हैं। 7 जुलाई को पवित्र शहर क़ोम में विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जबकि 9 जुलाई को उनके पैतृक शहर मशहद में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। ईरानी प्रशासन के अनुसार, लाखों लोगों के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने की संभावना है।
ईरानी नेताओं की भावुक तस्वीरों पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
अंतिम संस्कार के दौरान ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची भावुक नजर आए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें लगा था कि ईरान की जनता और नेतृत्व खामेनेई से नाराज है, लेकिन अंतिम संस्कार में दिखाई दे रहे दृश्य अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह भावनाएं वास्तविक हैं या केवल औपचारिकता, इसका आकलन करना जल्दबाजी होगी।
मोजतबा खामेनेई की अनुपस्थिति पर चर्चा
खामेनेई के बेटे और मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल न होने की संभावना भी चर्चा का विषय बनी हुई है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, संभावित हमले और निगरानी के खतरे को देखते हुए उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को जोखिमपूर्ण माना गया है। इसी वजह से अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।
अब वैश्विक समुदाय की निगाह इस बात पर टिकी है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक वार्ता आगे बढ़ेगी या फिर दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर सैन्य टकराव का रूप लेगा।


