नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर ट्रंप नाराज, नॉर्वे को सुनाई खरी-खोटी; भारत-पाकिस्तान पर किया बड़ा दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर नॉर्वे की आलोचना की। उन्होंने आठ युद्ध सुलझाने और भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोककर पांच करोड़ जानें बचाने का दावा किया।

ट्रंप बोले- नोबेल शांति पुरस्कार की साख खत्म
ट्रंप ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका को नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलना नॉर्वे के लिए एक ऐसा दाग है, जिसे मिटाया नहीं जा सकेगा। उन्होंने पुरस्कार देने वाली व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि कुछ कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों ने नोबेल शांति पुरस्कार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है।
ट्रंप लंबे समय से यह दावा करते रहे हैं कि उनकी कूटनीतिक कोशिशों से कई अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रोकने या समाप्त करने में मदद मिली। सिरैक्यूज की रैली में भी उन्होंने इसी दावे को दोहराते हुए कहा कि अगर हर युद्ध के लिए एक पुरस्कार दिया जाता, तो उन्हें कुल आठ पुरस्कार मिलने चाहिए थे। हालांकि, उनके सभी दावों और संघर्षों को सुलझाने में उनकी भूमिका को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस होती रही है।
भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने और 5 करोड़ जानें बचाने का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों को युद्ध में उलझने से रोका। ट्रंप के मुताबिक, उनकी कोशिशों से करीब पांच करोड़ लोगों की जान बची।
उन्होंने ईरान को लेकर भी दावा किया कि उसकी परमाणु हथियार हासिल करने की क्षमता को रोककर उन्होंने मध्य पूर्व में बड़े विनाश की आशंका टालने में भूमिका निभाई। ट्रंप ने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता, तो संकट का असर यूरोप और संभवतः अमेरिका तक पहुंच सकता था।
ये दावे ट्रंप ने अपने भाषण में किए हैं। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में अमेरिकी भूमिका और ट्रंप के दावों को लेकर पहले भी चर्चा होती रही है। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए आंकड़े और आठ युद्ध सुलझाने के दावे को स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
नवी पिल्लई को नोबेल मिलने पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
वर्ष 2026 का नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की न्यायविद और संयुक्त राष्ट्र की पूर्व मानवाधिकार प्रमुख नवनेथम ‘नवी’ पिल्लई को दिया गया है। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति को बढ़ावा देने तथा युद्ध अपराधों, मानवता के खिलाफ अपराधों और नरसंहार के मामलों में जवाबदेही सुनिश्चित करने के प्रयासों के लिए सम्मानित किया।
ट्रंप ने पुरस्कार विजेता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें पहले पिल्लई के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने उनके विचारों को उदारवादी बताते हुए पुरस्कार चयन पर सवाल उठाए, हालांकि उन्हें बधाई भी दी। ट्रंप की नाराजगी ऐसे समय में सामने आई है, जब नोबेल समिति ने अपने फैसले के पीछे पिल्लई के लंबे कानूनी और मानवाधिकार संबंधी योगदान को प्रमुख आधार बताया है।
ओबामा को पुरस्कार मिलने पर भी उठाते रहे हैं सवाल
ट्रंप इससे पहले भी पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार दिए जाने की आलोचना करते रहे हैं। ओबामा को राष्ट्रपति बनने के पहले ही वर्ष यह सम्मान मिला था। ट्रंप का कहना रहा है कि ओबामा को पर्याप्त उपलब्धियों के बिना पुरस्कार दिया गया।
नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर ट्रंप की ताजा टिप्पणी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, युद्ध रोकने के दावों और पुरस्कार चयन की प्रक्रिया पर बहस तेज कर दी है।


