पूर्व IAS दिव्या मित्तल ने बनाई ‘जननीति भारत’ पार्टी, 2027 का चुनाव लड़ने का ऐलान
पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने ‘जननीति भारत’ पार्टी बनाकर 2027 का चुनाव लड़ने का ऐलान किया। जानिए पार्टी के तीन वचन, किसानों-महिलाओं के लिए एजेंडा और उनकी राजनीतिक पारी की पूरी कहानी।

नई दिल्ली। पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के बाद अब राजनीति में अपनी नई पारी शुरू करने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर लाइव आकर उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘जननीति भारत’ की घोषणा की और 2027 का चुनाव लड़ने की बात कही। दिव्या मित्तल ने कहा कि राजनीति आम लोगों पर राज करने का माध्यम नहीं, बल्कि उनके हितों के लिए काम करने का जरिया होनी चाहिए। उन्होंने पार्टी के जरिए जनता की जरूरतों को नीतियों के केंद्र में रखने का संकल्प जताया।
‘आपका राज होगा’, दिव्या मित्तल ने बताए तीन वचन
दिव्या मित्तल ने अपनी पार्टी की विचारधारा समझाते हुए कहा कि राजनीति में जनता की सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने पार्टी के तीन वचन बताए। पहला, “जन से नीति और नीति से भारत।” दूसरा, हर फैसला लोगों की जरूरतों को देखकर लिया जाएगा। तीसरा, जरूरत के आधार पर फैसले होंगे और उनमें बराबरी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नई राजनीतिक पहल का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था बनाना है, जिसमें आम लोगों की समस्याओं और सुझावों के आधार पर नीतियां तैयार हों। उनके मुताबिक, किसानों और छोटे व्यापारियों की परेशानियों का समाधान उनकी वास्तविक परिस्थितियों को समझकर किया जाना चाहिए।
किसानों, महिलाओं और स्थानीय विकास पर जोर
‘जननीति भारत’ के एजेंडे में किसानों और छोटे कारोबारियों की समस्याओं के समाधान के साथ महिलाओं की सुरक्षा को भी प्रमुख मुद्दा बताया गया है। दिव्या मित्तल ने कहा कि विकास और प्रशासनिक फैसलों में जाति, धर्म या पहचान के बजाय लोगों की वास्तविक जरूरतों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
उन्होंने स्थानीय विकास कार्यों में जनता की सीधी भागीदारी और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता पर जोर दिया। उनका कहना है कि योजनाएं तभी प्रभावी होंगी, जब उन्हें बनाने और लागू करने में स्थानीय लोगों की जरूरतों और अनुभवों को जगह मिलेगी।
लोगों के संदेशों से बढ़ा नई पार्टी बनाने का भरोसा
दिव्या मित्तल ने बताया कि राजनीति में आने की इच्छा जताने के बाद उन्होंने लोगों से संपर्क के लिए एक नंबर साझा किया था। उनके अनुसार, उस नंबर पर इतने संदेश आए कि व्हाट्सऐप ने उसे रोक दिया। उन्होंने इसके लिए लोगों से माफी मांगते हुए उनके समर्थन के लिए आभार जताया।
उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक दलों की कमी नहीं है, लेकिन आम लोगों को पर्याप्त सुनवाई नहीं मिलती। गंगा का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि वहां हर बूंद बराबर है। इसी सोच के साथ उन्होंने पार्टी का नाम ‘जननीति भारत’ रखा।
राजा भैया और अखिलेश यादव के ऑफर की भी हुई थी चर्चा
दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की चर्चा के दौरान जनसत्ता दल के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की ओर से उन्हें पार्टी से जुड़ने का प्रस्ताव दिए जाने की बात सामने आई थी। वहीं, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक सवाल के जवाब में उन्हें सपा में शामिल होने का विकल्प दिया था। हालांकि, दिव्या मित्तल ने अब अपनी अलग पार्टी बनाने की घोषणा की है।
करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद राजनीति में कदम
दिव्या मित्तल करीब 13 साल तक प्रशासनिक सेवा में रहीं। वह उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में जिलाधिकारी के पद पर तैनात रह चुकी हैं। अपने कार्यकाल के दौरान वह सख्त प्रशासनिक कार्यशैली और फैसलों को लेकर चर्चा में रहीं। उनकी तैनाती के दौरान कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मतभेदों की खबरें भी सामने आई थीं।
अब ‘जननीति भारत’ के गठन के साथ दिव्या मित्तल ने 2027 के चुनाव में उतरने का ऐलान किया है। उनकी नई राजनीतिक पहल को किस तरह का जनसमर्थन मिलता है और पार्टी अपने वादों को किस रूप में लागू करती है, इस पर आगे नजर रहेगी।


