दिलीप घोष बोले- 'नया दल बनाने से बातों को नहीं भूलेंगे लोग', बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई में विलय पर दिया जवाब
पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात और एनसीपीआई में विलय की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नया दल बनाने से लोग उनकी बातों को नहीं भूल सकते हैं।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात और एनसीपीआई में विलय की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि नया दल बनाने से लोग उनकी बातों को नहीं भूल सकते हैं।
मुलाकात पर मंत्री दिलीप घोष ने सोमवार सुबह मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "कोई भी सांसद स्पीकर से मिलकर अपनी बात रख सकता है। मुझे बातचीत के खास मकसद या डिटेल के बारे में पता नहीं है, लेकिन यह सच है कि बहुत कुछ चल रहा है। जब लिखित में जानकारी दी जाएगी और उसकी जांच होगी, तब स्पीकर कोई फैसला लेंगे। अगर उन्हें अलग पार्टी के तौर पर मान्यता मिलती है, तो उन्हें अलग बैठने का अधिकार होगा। हालांकि, यह सच है कि हर कोई टीएमसी छोड़ना चाहता है।"
बागी सांसदों के गुट के 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (एनसीपीआई) के साथ विलय की चर्चाओं पर उन्होंने कहा, "हम लोग पहले से बोल रहे हैं कि टीएमसी सत्ता से बाहर होते ही खत्म हो जाएगी। पार्टी के अंदर के लोग भी यह जानते थे कि जब तक टीएमसी सत्ता में पार्टी में रहेंगे, फिर अपना-अपना रास्ता देखेंगे। आज पार्षद से लेकर विधायक और सांसद सभी टीएमसी से अलग होना चाहते हैं।"
दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह भ्रष्टाचार था और प्रशासन जिस तरह काम करता था, उससे पार्टी के लोगों में नाराजगी रही है। सिर्फ ममता बनर्जी की बात नहीं है। हमने सभी लोगों का व्यवहार देखा है कि ये लोग किस तरह बात करते थे। उन्होंने कहा, "नया दल बनाने से लोग उनकी बातों को नहीं भूल सकते हैं।"
टीएमसी नेताओं पर बंगाल में अंडों से हमलों को लेकर दिलीप घोष ने कहा, "कुछ सांसद विदेश में भी बैठे हैं, मगर वो जानते हैं कि उनके लिए भी अंडा खरीदकर रखा गया है। वे विदेश से बैठकर संदेश दे रहे हैं कि अगर कोई हमें अंडा मारेगा तो हम केस करेंगे। हालांकि, इतना है कि इन नेताओं में डर है और यह डर अच्छा है।"
इसके अलावा, अभिषेक बनर्जी से सीआईडी की पूछताछ के लिए समन पर दिलीप घोष ने कहा, "उन्हें बार-बार जाना पड़ा है। वे पहले भी जा चुके हैं और अब सीआईडी उन्हें बुला रही है। ईडी भी नोटिस भेज रही है।"


