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दिल्ली-वाराणसी के बीच जल्द दौड़ेगी नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, कानपुर-प्रयागराज समेत इन स्टेशनों पर ठहराव

दिल्ली-वाराणसी के बीच नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने की तैयारी है। कानपुर और प्रयागराज समेत प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव और करीब 8 घंटे के सफर की संभावना है।

दिल्ली-वाराणसी के बीच जल्द दौड़ेगी नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, कानपुर-प्रयागराज समेत इन स्टेशनों पर ठहराव
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नई दिल्ली। दिल्ली और वाराणसी के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए रेलवे एक और तेज और सुविधाजनक ट्रेन शुरू करने की तैयारी में है। इस व्यस्त रूट पर पहले से वंदे भारत चेयर कार चल रही है, लेकिन अब वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत की योजना है। इससे यात्रियों को रात में सफर करने के साथ सुबह अपने गंतव्य तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा।

8 घंटे में दिल्ली से वाराणसी का सफर

नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन नई दिल्ली से वाराणसी के बीच करीब 770 किलोमीटर की दूरी लगभग 8 घंटे में तय कर सकती है। मौजूदा कई सुपरफास्ट ट्रेनों को इसी दूरी के लिए 12 से 14 घंटे तक का समय लग जाता है।

प्रस्तावित ट्रेन के दिल्ली से देर शाम रवाना होने और सुबह तड़के वाराणसी पहुंचने की संभावना है। वापसी में वाराणसी से रात में ट्रेन चलकर सुबह दिल्ली पहुंच सकती है। दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर इसके कानपुर सेंट्रल और प्रयागराज जंक्शन पर ठहराव की संभावना भी बताई जा रही है।

दिवाली-छठ से पहले मिल सकती है सौगात

त्योहारी सीजन में दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। खासकर दिवाली और छठ पूजा के दौरान पूर्वांचल और बिहार जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ और लंबी वेटिंग देखने को मिलती है।

ऐसे में नई स्लीपर वंदे भारत उन यात्रियों के लिए विकल्प बन सकती है जिन्हें बिहार तक सीधी ट्रेन नहीं मिल पाती। वाराणसी से आगे जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन कनेक्टिविटी का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकती है।

16 कोच और 823 यात्रियों की क्षमता

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच होने की जानकारी है। इनमें 1 फर्स्ट एसी, 4 एसी टू-टियर और 11 एसी थ्री-टियर कोच शामिल होंगे। ट्रेन में करीब 823 यात्रियों के सफर करने की क्षमता होगी।

ट्रेन को 130 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है। सुरक्षा के लिए इसमें स्वदेशी कवच ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है। सेमी-परमानेंट कपलर की वजह से सफर के दौरान झटके भी कम महसूस होने की उम्मीद है।

स्लीपर कोच में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

स्लीपर वंदे भारत में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चौड़ी और आरामदायक बर्थ, हर बर्थ पर रीडिंग लाइट और मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट दिए गए हैं। टच-फ्री वैक्यूम टॉयलेट, सेंसर आधारित नल और ऑटोमैटिक दरवाजे भी इसकी प्रमुख सुविधाओं में शामिल हैं।

दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष शौचालय और सुगम आवागमन की व्यवस्था भी की गई है।

2019 में शुरू हुई थी पहली दिल्ली-वाराणसी वंदे भारत

देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस चेयर कार 15 फरवरी 2019 को नई दिल्ली-वाराणसी रूट पर शुरू हुई थी। इस रूट पर काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस और राजधानी जैसी प्रमुख ट्रेनों में भी यात्रियों की मांग रहती है।

नई स्लीपर वंदे भारत से दिल्ली, कानपुर और प्रयागराज के अलावा वाराणसी तथा आसपास के जिलों के यात्रियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर और बिहार के बक्सर व भभुआ क्षेत्र से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह तेज रेल कनेक्टिविटी का विकल्प बन सकती है।


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