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दिल्ली में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, एच1एन1 के 1,777 मामले; इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

दिल्ली में एच1एन1 स्वाइन फ्लू के मामले बढ़कर 1,777 हुए। जानिए स्वाइन फ्लू के लक्षण, बचाव के उपाय और किन लोगों को संक्रमण का अधिक खतरा है।

दिल्ली में बढ़ा स्वाइन फ्लू का खतरा, एच1एन1 के 1,777 मामले; इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
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नई दिल्ली। दिल्ली में इस साल स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 संक्रमण के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। राजधानी में अब तक 1,777 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। अकेले 20 अगस्त को 114 नए मामले सामने आए। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 6 अगस्त तक 1,344 मामले थे, यानी करीब दो सप्ताह में 433 नए मरीज जुड़ गए।

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों के साथ की बैठक

मामलों में बढ़ोतरी के बीच शुक्रवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में संक्रमण के बढ़ते मामलों, प्रभावित क्षेत्रों और संभावित हॉटस्पॉट पर निगरानी बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों को पर्याप्त उपचार व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। H1N1 मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं, ताकि संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित किया जा सके।

पिछले साल के मुकाबले करीब आठ गुना ज्यादा मामले

दिल्ली में H1N1 संक्रमण की स्थिति पिछले वर्ष की तुलना में काफी गंभीर दिखाई दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले साल इसी अवधि में 229 मामले सामने आए थे, जबकि इस साल यह संख्या बढ़कर 1,777 हो गई है।

विशेषज्ञों के अनुसार मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और अधिक उमस के कारण मौसमी इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि हो सकती है।

किन लोगों को ज्यादा सावधानी की जरूरत?

डॉक्टरों के मुताबिक स्वस्थ लोगों में फ्लू का संक्रमण सामान्य तौर पर ठीक हो जाता है, लेकिन बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से हृदय, फेफड़ों या मधुमेह जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।

मौसमी फ्लू के मरीजों में लगातार खांसी और तेज बुखार के मामले भी सामने आ रहे हैं। H1N1 के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हो सकते हैं। सांस लेने में परेशानी या लक्षणों के गंभीर होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?

विशेषज्ञ नियमित रूप से हाथ साफ करने, बीमार होने पर पर्याप्त आराम करने और संक्रमण फैलने की आशंका होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं। डॉक्टर की सलाह के अनुसार फ्लू वैक्सीन भी लिया जा सकता है।


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