लालू यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, आईआरसीटी घोटाले में ट्रायल पर रोक से इनकार
IRCTC scam case: ट्रायल कोर्ट ने इस चर्चित केस में लालू यादव पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं। ट्रायल कोर्ट की इस कार्यवाही के खिलाफ लालू प्रसाद यादव ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन लालू यादव को हाईकोर्ट से झटका लगा है।

नई दिल्ली। IRCTC scam case: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश के चर्चित आईआरसीटीसी घोटाला केस में दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ ट्रायल (मुकदमा) पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।
ट्रायल कोर्ट ने इस चर्चित केस में लालू यादव पर भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए हैं। ट्रायल कोर्ट की इस कार्यवाही के खिलाफ लालू प्रसाद यादव ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन लालू यादव को हाईकोर्ट से झटका लगा हैै। दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान सीबीआई को नोटिस भी जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 14 जनवरी को होगी।
लालू प्रसाद यादव ने कथित आईआरसीटीसी (भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम) घोटाला मामले में उनके और उनकी पत्नी राबड़ी देवी, पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव तथा 11 अन्य के खिलाफ आरोप तय किए जाने संबंधी विशेष अदालत के आदेश को चुनौती दी थी।
इससे पहले 13 अक्टूबर को दिल्ली की एक अदालत ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत आरोप तय किए थे।लालू यादव के अलावा, अदालत ने प्रदीप कुमार गोयल, राकेश सक्सेना, भूपेंद्र कुमार अग्रवाल, राकेश कुमार गोगिया और विनोद कुमार अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (पीसी) अधिनियम की धारा 13(2) (धारा 13(1)(डी)(ii) एवं (iii) के साथ पढ़ा जाए) के तहत आरोप तय किए थे।
धारा 13(2) लोक सेवक द्वारा आपराधिक कदाचार के लिए दंड से संबंधित है, और धारा 13(1)(डी)(ii) और (iii) लोक सेवक द्वारा पद का दुरुपयोग कर लाभ प्राप्त करने से संबंधित है। अदालत ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी, मेसर्स लारा प्रोजेक्ट्स एलएलपी, विजय कोचर, विनय कोचर, सरला गुप्ता और प्रेम चंद गुप्ता के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 (धोखाधड़ी) के तहत आरोप तय करने का भी निर्देश दिया था।
IRCTC घोटाले में लालू पर क्या आरोप
बता दें कि साल 2017 में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों के अलावा आईआरसीटीसी के अफसरों तथा कुछ अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया था। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि साल 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे तब आपराधिक साजिश रच आईआरसीटीसी के होटलों के टेंडर पटना और ओडिशा के पुरी में मनपसंद पार्टियों को दी गई थी। इसके बदले में रिश्वत के तौर पर जमीन ली गई थी। इस मामले में आगे की जांच के बाद सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव और 11 अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।


