दिल्ली में दिवाली से पहले ही जहरीली हुई हवा, AQI 349 तक पहुंचा; कई इलाकों में सांस लेना मुश्किल
दिल्ली में दिवाली से पहले प्रदूषण ने चिंता बढ़ा दी है। अक्षरधाम और ITO में AQI 349 दर्ज किया गया। राजधानी के कई इलाकों में हवा बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई।

नई दिल्ली। दिवाली से पहले ही दिल्ली की हवा ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। राजधानी के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, सुबह सात बजे से पहले अक्षरधाम मंदिर और आईटीओ के आसपास एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 349 दर्ज किया गया। वहीं, इंडिया गेट और जनपथ के आसपास वायु गुणवत्ता सूचकांक 335 तक पहुंच गया। प्रदूषण के इस स्तर के कारण लोगों को सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
पाबंदियों के बावजूद प्रदूषण में तेजी
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए एक नवंबर से नई पाबंदियां लागू की गई हैं। इसके बावजूद राजधानी में हवा की गुणवत्ता में तेजी से गिरावट दर्ज की गई। बारिश के कारण पिछले दो दिनों तक प्रदूषण से कुछ राहत मिली थी, लेकिन मौसम बदलते ही स्थिति बिगड़ गई।
आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली का AQI एक दिन पहले 117 था, जो अगले दिन बढ़कर 261 के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह इसमें 144 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। राजधानी के 57 निगरानी केंद्रों में से 23 केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार चला गया।
CPCB के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में हवा बहुत खराब से गंभीर श्रेणी की ओर भी बढ़ सकती है।
AQI की कौन सी श्रेणी कितनी खतरनाक?
वायु गुणवत्ता सूचकांक के आधार पर प्रदूषण को छह श्रेणियों में बांटा जाता है।
0 से 50: अच्छा
51 से 100: संतोषजनक
101 से 200: मध्यम
201 से 300: खराब
301 से 400: बहुत खराब
401 से 500: गंभीर
इस लिहाज से दिल्ली के कई इलाकों में दर्ज 335 से 349 के बीच का AQI स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से परेशान लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है।
नवंबर की शुरुआत में ठंड और धुंध का असर
दिल्ली में नवंबर की शुरुआत हल्की धुंध और ठंड के साथ हुई। एक नवंबर को न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री कम था। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से दो डिग्री कम है।
धुंध के कारण सुबह दृश्यता भी प्रभावित हुई। सफदरजंग में दृश्यता 1,600 मीटर और पालम में 1,500 मीटर दर्ज की गई।
प्रदूषण से बचने के लिए बरतें सावधानी
विशेषज्ञों की सलाह है कि प्रदूषण बढ़ने पर सुबह और देर शाम खुले में व्यायाम करने से बचें। जरूरत पड़ने पर बाहर निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क पहनें। आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें। दिवाली के आसपास पटाखों का धुआं स्थिति को और गंभीर बना सकता है, इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।


