जंग थमने में पाक की भूमिका पर कांग्रेस ने पीएम को घेरा, विश्वगुरु का जिक्र कर क्या बोले जयराम?
अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच हुए दो सप्ताह के सीजफायर के बाद पश्चिम एशिया तनाव को खत्म करने का कूटनीतिक रास्ता खुलता दिख रहा है। वहीं, इस युद्धविराम को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी की चुप्पी ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को गिराया है।

नई दिल्ली। कांग्रेस ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की 'अत्यधिक व्यक्तिगत कूटनीति' के लिए एक 'गंभीर झटका' बताते हुए कहा कि स्वघोषित विश्वगुरु पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बुधवार को कहा कि पूरी दुनिया पश्चिम एशिया में अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम का सावधानी से स्वागत करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संघर्ष 28 फरवरी को ईरान के शीर्ष नेतृत्व की लक्षित हत्याओं से शुरू हुआ था, जो प्रधानमंत्री मोदी की इस्राइल की बहुप्रचारित यात्रा के ठीक दो दिन बाद हुआ था। कांग्रेस के अनुसार, इस यात्रा ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को कम किया।
पीएम मोदी की चुप्पी पर उठाए सवाल
जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गाजा में इस्राइल के नरसंहार और कब्जे वाले वेस्ट बैंक में उसकी विस्तारवादी नीतियों पर कुछ भी नहीं कहा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान द्वारा युद्धविराम कराने में निभाई गई भूमिका पीएम मोदी की अत्यधिक व्यक्तिगत कूटनीति के सार और शैली दोनों के लिए एक गंभीर झटका है।
पाकिस्तान की भूमिका से पीएम मोदी का नीति पर प्रश्न चिन्ह
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के प्रति पाकिस्तान के निरंतर समर्थन के लिए उसे अलग-थलग करने और दुनिया को यह समझाने की नीति कि वह एक विफल राष्ट्र है, स्पष्ट रूप से सफल नहीं हुई है। कांग्रेस के अनुसार, एक दिवालिया अर्थव्यवस्था, जो पूरी तरह से बाहरी दाताओं की दया पर निर्भर है, और कई तरह से टूटा हुआ देश ऐसी भूमिका निभाने में सक्षम था, यह पीएम मोदी की जुड़ाव और नैरेटिव प्रबंधन की रणनीति पर सवाल उठाता है।
क्यों रोका ऑपरेशन सिंदूर, अब तक नहीं दिया जवाब : कांग्रेस
कांग्रेस नेता ने कहा, "उन्होंने (पीएम मोदी) या उनकी टीम ने कभी यह भी नहीं बताया कि ऑपरेशन सिंदूर को 10 मई 2025 को अचानक क्यों रोक दिया गया, जिसकी पहली घोषणा अमेरिकी विदेश मंत्री ने की थी। इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तब से लगभग सौ बार श्रेय ले चुके हैं।"


