पीएम के सगे भाई पंकज मोदी को दिए गए विशेष लाभ, कांग्रेस ने झांकी एक्सपर्ट् के रूप में नियुक्ति को बताया नियम विरुद्ध
कांग्रेस ने पीएम मोदी के भाई पंकज मोदी को लेकर सरकार को घेरा है। कांग्रेस ने कहा कि पंकज मोदी को बिना अनुभव क्लास 2 से क्लास 1 पर प्रमोशन दे दिया गया। पार्टी ने पंकज को झांकी एक्सपर्ट के रूप में नियुक्ति पर सवाल खड़े किए।

नई दिल्ली। कांग्रेस सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 'एकता परेड' के लिए झांकियों के चयन की प्रक्रिया पर शुक्रवार को सवाल उठाते हुए 'पक्षपात' का आरोप लगाया। पार्टी ने दावा किया कि कंपनियों के चयन और पंकज मोदी को झांकी विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त करना नियमों का उल्लंघन था। इस आरोप पर भाजपा, सरकार या पंकज मोदी की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री के भाई पंकज मोदी को 'विशेष लाभ' दिए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि पंकज मोदी का करियर ग्राफ अभूतपूर्व और अप्रत्याशित रूप से ऊपर उठा, जो गुजरात के मुख्यमंत्री और बाद में प्रधानमंत्री के रूप में प्रधानमंत्री मोदी के राजनीतिक उत्थान के समानांतर है।
पंकज मोदी, प्रधानमंत्री मोदी के भाई हैं और उनका नाम हमें इसलिए लेना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें Tableau फाइनल करने के लिए नियुक्त किया गया था। सर्कुलर में उन्हें क्या सुविधाएं मिलेगी, इस बारे में सारी जानकारी दी गई थी।
— Congress (@INCIndia) January 9, 2026
• प्रधानमंत्री के परिवार से आने वाला व्यक्ति अगर किसी काम… pic.twitter.com/2W9U9N2oly
क्लास वन अधिकारी बनने पर सवाल
गोहिल ने कहा कि पंकज मोदी, प्रधानमंत्री मोदी के भाई हैं और उनका नाम हमें इसलिए लेना पड़ रहा है, क्योंकि उन्हें झांकी फाइनल करने के लिए नियुक्त किया गया था। सर्कुलर में उन्हें क्या सुविधाएं मिलेगी, इस बारे में सारी जानकारी दी गई थी।
उन्होंने कहा कि पंकज मोदी ने सूचना विभाग में साल 1981 में क्लास 3 की पोस्ट पर ज्वाइन किया था और उनके साथ का कोई भी अधिकारी क्लास 1 का अधिकारी नहीं बन पाया। यहां तक कि कई सीनियर अधिकारी, जो ST कैटेगरी से आते थे, वे भी क्लास 1 के अधिकारी नहीं बन पाए। मगर पंकज मोदी क्लास 1 के अधिकारी बन गए।
समय की प्रक्रिया का हवाला देकर टेंडर प्रोसेस खत्म
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर समारोह के दौरान, गृह मंत्रालय ने एक परिपत्र जारी कर कहा था कि 'एकता परेड' के लिए झांकियां केवल पांच चयनित कंपनियों से ही मंगाई जाएंगी। समय की कमी का हवाला देते हुए निविदा प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह निर्णय चुनिंदा कंपनियों को लाभ पहुंचाने के लिए लिया गया था। गोहिल ने दावा किया कि गृह मंत्रालय ने पंकज मोदी को उनकी सेवानिवृत्ति के बाद प्रतिदिन 10,000 रुपये के पारिश्रमिक पर झांकियों के अंतिम चयन के लिए एक विशेषज्ञ के रूप में नियुक्त किया था।


