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विश्वगुरु की कूटनीति फेल, टूटे देश को ब्रोकर बना दिया; पाक को लेकर पीएम मोदी पर बरसी कांग्रेस

पश्चिम एशिया में पाकिस्तान की मध्यस्थता पर कांग्रेस ने मोदी सरकार की कूटनीति को आड़े हाथों लिया है। कांग्रेस ने इसे 'हगलोमेसी' की विफलता बताते हुए कहा कि एक 'टूटा हुआ देश' अब 'ब्रोकर' बन गया है। जानें पूरा विवाद।

विश्वगुरु की कूटनीति फेल, टूटे देश को ब्रोकर बना दिया; पाक को लेकर पीएम मोदी पर बरसी कांग्रेस
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नई दिल्ली। पश्चिम एशिया संघर्ष में पाकिस्तान की मध्यस्थता की खबरों और सरकार के 'दलाल राष्ट्र' वाले बयान को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि 'स्वयंभू विश्वगुरु' की कूटनीति और नैरेटिव की विफलता के कारण ही एक 'टूटा हुआ देश (पाकिस्तान) अब एक ब्रोकर (दलाल) देश' बन गया है।

जयराम रमेश के तीखे प्रहार

कांग्रेस के महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति पर जमकर निशाना साधा। रमेश ने कहा कि अनुभवी विदेश मंत्री एस. जयशंकर क्षेत्रीय कूटनीति में भारत को लगे झटके और 'चरम शर्मिंदगी' पर पर्दा डालने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि पश्चिम एशिया में युद्ध समाप्त करने के लिए पाकिस्तान एक मध्यस्थ के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा कि यह बेहद चौंकाने वाला है कि पाकिस्तान को इस भूमिका के योग्य माना जा रहा है। यह वह देश है जिसने चार दशकों तक भारत और अन्य देशों में आतंकवाद फैलाया, ओसामा बिन लादेन जैसे खूंखार आतंकियों को पनाह दी और परमाणु अप्रसार कानूनों का उल्लंघन किया। जिसका जिक्र खुद पूर्व राष्ट्रपति मुशर्रफ ने एक्यू खान नेटवर्क के संदर्भ में किया था। रमेश ने प्रधानमंत्री मोदी की कूटनीति को 'डींगों और कायरता' से भरा हुआ बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का मध्यस्थ के रूप में विचार किया जाना ही भारत की कूटनीतिक शैली और उसके असर की सबसे बड़ी विफलता है।

मनमोहन सिंह सरकार से तुलना

जयराम रमेश ने मौजूदा सरकार की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार से करते हुए कहा कि मनमोहन सिंह की सरकार ने मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमलों के बाद दुनिया को पाकिस्तान की नापाक भूमिका के बारे में सफलतापूर्वक आश्वस्त कर उसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग कर दिया था। इसके विपरीत, 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमलों के पीछे पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के भड़काऊ बयानों के बावजूद, भारत पाकिस्तान को वैश्विक मंच पर अलग-थलग करने में विफल रहा।

ट्रंप के चहेते बने मुनीर

रमेश ने दावा किया कि 10 मई 2025 के बाद यह स्पष्ट हो गया कि फील्ड मार्शल असीम मुनीर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम के चहेते बन गए हैं।

'हगलोमेसी' (गले मिलने की कूटनीति) पर तंज

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी 'X' पर सरकार को घेरा। उन्होंने पूछा कि जब पीएम मोदी रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता करने के लिए बेताब थे, तो क्या भारत एक 'ब्रोकर देश' था? यह चयनात्मक मध्यस्थता है या चयनात्मक याददाश्त? रमेश ने इसे 'मोदी की हगलोमेसी (गले मिलने की कूटनीति) की विफलता' करार दिया।

सर्वदलीय बैठक में सरकार का पक्ष

पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा के लिए संसद भवन में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया था। विदेश मंत्री जयशंकर ने कथित तौर पर बैठक में कहा था कि 'हम कोई दलाल राष्ट्र नहीं हैं।' सरकार ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया में पाकिस्तान के मध्यस्थता प्रयासों में कुछ भी नया नहीं है; 1981 से अमेरिका द्वारा पाकिस्तान का 'इस्तेमाल' किया जाता रहा है।सरकार ने बताया कि पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को यह संदेश दिया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध जल्द समाप्त होना चाहिए क्योंकि इससे सभी का नुकसान हो रहा है।

सरकार ने विपक्ष के 'चुप्पी' वाले आरोप को खारिज करते हुए कहा कि खाड़ी क्षेत्र में रह रहे भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा और घरेलू ऊर्जा जरूरतों को पूरा करना उसकी प्रमुख चिंता है, जिसमें वह अब तक सफल रही है। विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक में सरकार द्वारा दिए गए जवाबों को असंतोषजनक करार दिया है। विपक्षी दलों ने मांग की है कि पश्चिम एशिया की स्थिति और भारत की कूटनीति पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विस्तृत बहस कराई जाए।


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