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थोक महंगाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, जयराम रमेश बोले- देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा

जून में WPI महंगाई बढ़ने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर निशाना साधा। जयराम रमेश ने बढ़ती महंगाई, कृषि संकट और उद्योगों पर बढ़ती लागत को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

थोक महंगाई को लेकर कांग्रेस का केंद्र पर हमला, जयराम रमेश बोले- देश आर्थिक संकट की ओर बढ़ रहा
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नई दिल्ली। जून महीने में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर में बढ़ोतरी के बाद कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि बढ़ती महंगाई, कृषि क्षेत्र की चुनौतियां और उद्योगों पर बढ़ता लागत का दबाव देश की अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आर्थिक हालात और गंभीर हो सकते हैं।

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में कहा कि कांग्रेस पिछले कई महीनों से सरकार को आर्थिक संकेतकों को लेकर आगाह करती रही है, लेकिन सरकार ने इन चेतावनियों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई का असर आम लोगों, किसानों और उद्योगों पर साफ दिखाई दे रहा है।

महंगाई और रोजगार को लेकर सरकार पर निशाना

कांग्रेस नेता ने कहा कि बढ़ती कीमतों के कारण आम नागरिकों की घरेलू अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका दावा है कि महंगाई और बेरोजगारी की दोहरी चुनौती ने मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। वहीं किसानों को प्रतिकूल मौसम और बढ़ती लागत दोनों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों पर दबाव पड़ सकता है। जयराम रमेश के अनुसार, सरकार को महंगाई नियंत्रित करने और आर्थिक गतिविधियों को गति देने के लिए ठोस नीति कदम उठाने चाहिए।

सरकारी आंकड़ों में जून में बढ़ी WPI महंगाई

सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में थोक मूल्य सूचकांक (WPI) आधारित महंगाई दर बढ़कर 9.87 प्रतिशत दर्ज की गई, जबकि मई में यह 9.68 प्रतिशत थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य और गैर-खाद्य वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण हुई।

आंकड़ों के मुताबिक, जून में खाद्य महंगाई बढ़कर 5.49 प्रतिशत हो गई, जो मई में 3.60 प्रतिशत थी। विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम संबंधी परिस्थितियों और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों का असर खाद्य कीमतों पर पड़ा है।

ईंधन, कृषि और उद्योग पर भी असर

आंकड़ों के अनुसार, गैर-खाद्य वस्तुओं की महंगाई 11.07 प्रतिशत रही, जबकि खनिज क्षेत्र में महंगाई 9.45 प्रतिशत दर्ज की गई। ईंधन और बिजली क्षेत्र की महंगाई मई के 30.33 प्रतिशत से घटकर जून में 27.41 प्रतिशत रही, हालांकि यह अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। वहीं विनिर्मित उत्पादों की महंगाई 7.48 प्रतिशत पर स्थिर रही।

कांग्रेस ने इन आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को महंगाई पर नियंत्रण और कृषि क्षेत्र को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए। पार्टी का कहना है कि आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक रणनीति की आवश्यकता है।

उधर केंद्र सरकार का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद महंगाई को नियंत्रित करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।


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