राज्यसभा चुनाव के बाद फिर गूंजा 80-20 का मुद्दा, CM योगी बोले- विधानसभा चुनाव का नतीजा भी साफ है
यूपी राज्यसभा चुनाव में भाजपा के 8 और सपा के 2 उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन तय होने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने 80-20 का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव ने विधानसभा चुनाव का संकेत दे दिया है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्यसभा में जो स्थिति बनी है, वैसा ही परिणाम विधानसभा चुनाव में भी देखने को मिलेगा। हालांकि, यह मुख्यमंत्री का राजनीतिक दावा है और विधानसभा चुनाव का वास्तविक परिणाम चुनाव के बाद ही तय होगा।
राज्यसभा चुनाव में भाजपा के 8, सपा के 2 उम्मीदवार
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। भाजपा ने सभी आठ सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि समाजवादी पार्टी ने दो प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है। सपा की ओर से राम गोपाल यादव और धनराज परिमल नथवानी ने नामांकन दाखिल किया है।
भाजपा के आठ उम्मीदवारों ने भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नामांकन किया। सपा की ओर से तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारे जाने के बाद अब सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति बन गई है।
पहले माना जा रहा था कि सपा तीसरा प्रत्याशी उतारकर मुकाबला करा सकती है। भाजपा के आठवें उम्मीदवार को जिताने के लिए उसके पास अपने दम पर पर्याप्त वोट नहीं थे, जबकि सपा को तीसरे उम्मीदवार के लिए अतिरिक्त समर्थन जुटाना पड़ता। ऐसे में क्रॉस वोटिंग की आशंका भी चर्चा में थी।
अखिलेश यादव ने क्यों बदला तीसरे उम्मीदवार का फैसला?
अखिलेश यादव ने मंगलवार को संकेत दिया कि पार्टी का फोकस अब राज्यसभा की तीन सीटों के बजाय उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर है। उनके इस रुख के बाद तीसरे उम्मीदवार को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लग गया। रिपोर्टों के मुताबिक, संभावित क्रॉस वोटिंग और विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की स्थिति को लेकर जोखिम से बचना भी इस फैसले के पीछे एक वजह माना जा रहा है।
इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्यसभा के घटनाक्रम को विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए विपक्ष पर हमला बोला।
पहले भी चर्चा में रहा है 80-20 का बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 80-20 वाले बयान का उत्तर प्रदेश की राजनीति में पहले भी काफी जिक्र हुआ है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी उनके इस बयान को अलग-अलग राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों से जोड़कर देखा गया था। इस बार मुख्यमंत्री ने 80 और 20 की व्याख्या एनडीए और पीडीए के राजनीतिक खेमों के संदर्भ में की है।
योगी ने कहा कि राज्यसभा में जो तस्वीर सामने आई है, उससे विधानसभा चुनाव की दिशा भी स्पष्ट हो गई है। वहीं, विपक्षी दल इस तरह के राजनीतिक दावों को अपने-अपने नजरिए से देखते रहे हैं।
'एक जिला, एक माफिया' से 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' तक
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में 'एक जिला, एक माफिया' जैसी स्थिति की चर्चा होती थी, जबकि उनकी सरकार ने विकास को केंद्र में रखते हुए 'एक जिला, एक मेडिकल कॉलेज' की दिशा में काम किया है।
मुख्यमंत्री ने 'एक जिला, एक उत्पाद' और 'एक जिला, एक कुजीन' जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को मजबूत करने पर लगातार काम किया जा रहा है।


