कॉकरोच प्रोटेस्ट में उतरे सुप्रीम कोर्ट के वकील, पुलिस ने पकड़ा, CJI सूर्यकांत के हस्तक्षेप के बाद रिहाई
CJP Protest के दौरान दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों को हिरासत में लिया। SCBA की अपील पर CJI सूर्यकांत ने हस्तक्षेप किया और वकीलों की रिहाई की खबर सामने आई।

नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर शनिवार को विवाद उस समय बढ़ गया, जब मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए मार्च निकाल रहे कई वकीलों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। सुप्रीम कोर्ट से जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे वकीलों की कार्रवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने कड़ी नाराजगी जताई और भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, CJI के हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए वकीलों को रिहा कर दिया गया।
करीब 100 वकीलों को हिरासत में लेने की खबर
रिपोर्टों के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली की अदालतों से जुड़े करीब 100 वकीलों को हिरासत में लिया गया था। उन्हें यमुना स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ले जाए जाने की जानकारी सामने आई। इनमें महिला वकील भी शामिल थीं। एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड सुमिता हजारिका ने कथित तौर पर कुछ महिला वकीलों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा दुर्व्यवहार किए जाने का आरोप लगाया। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना जरूरी है।
बार एसोसिएशन ने प्रस्ताव पारित कर जताई नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने इस कार्रवाई पर प्रस्ताव पारित करते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे वरिष्ठ और युवा वकीलों, खासकर महिला वकीलों को हिरासत में लेने तथा कथित रूप से अत्यधिक बल प्रयोग किए जाने पर चिंता जताई।
एसोसिएशन ने CJI सूर्यकांत से आग्रह किया कि हिरासत में लिए गए सभी वकीलों की स्थिति और ठिकाने का पता लगाया जाए, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो और उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, जिन लोगों को हिरासत में रखने का वैध आधार नहीं है, उन्हें तुरंत रिहा करने और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने की मांग की गई।
CJI सूर्यकांत ने क्या कदम उठाया?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, SCBA की अपील के बाद CJI सूर्यकांत ने संबंधित अधिकारियों से बात की और हिरासत में लिए गए वकीलों की रिहाई का मामला उठाया। इसके बाद वकीलों को छोड़े जाने की खबर सामने आई। इस घटनाक्रम ने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान वकीलों के साथ हुए कथित व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
SIR और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर प्रदर्शन
CJP और विभिन्न छात्र-युवा संगठनों ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। आंदोलनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार करते हुए कानून-व्यवस्था संबंधी चिंताओं का हवाला दिया था। इसके बाद राजधानी के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई और बैरिकेडिंग की गई। CJP के नेता अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को भी दिल्ली पहुंचने पर हिरासत में लिया गया था।
वहीं, चुनाव आयोग का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की प्रक्रिया है। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर प्रदर्शनकारियों के आरोपों पर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस जारी है।


