संसद मार्च पर बवाल: CJP के प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया, जंतर-मंतर से संसद तक हाई अलर्ट
संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन CJP के संसद मार्च को लेकर दिल्ली में हाई अलर्ट रहा। जंतर-मंतर से कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए, पांच मेट्रो स्टेशन बंद रहे और भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया।

नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन राजधानी दिल्ली में सड़क से लेकर संसद परिसर तक सुरक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व रही। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित अनियमितताओं, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सोमवार को ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया। मार्च शुरू होने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाते हुए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर रखी है। इसके तहत संसद और संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने पर प्रतिबंध लगाया गया है। पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
जंतर-मंतर पर रातभर जुटे रहे प्रदर्शनकारी
CJP पिछले 20 जून से जंतर-मंतर पर धरना दे रही है। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से रविवार रात ही धरनास्थल पर पहुंचने की अपील की थी। इसके बाद बड़ी संख्या में छात्र, युवा और समर्थक जंतर-मंतर पर एकत्र हुए। सोमवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने बैनर और पोस्टर के साथ नारेबाजी की और संसद की ओर मार्च की तैयारी शुरू की।
इस बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत भी हुई। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रदर्शनकारियों से निर्धारित नियमों का पालन करने और शांति बनाए रखने की अपील की।
चंद्रशेखर आजाद और प्रकाश राज ने जताया समर्थन
आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद भी जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह युवाओं की आवाज उठाने और उनके साथ खड़े होने के लिए आंदोलन में शामिल हुए हैं। उनके अनुसार शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए।
फिल्म अभिनेता प्रकाश राज भी प्रदर्शन स्थल पर मौजूद रहे और आंदोलन के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
अभिजीत दीपके ने की शांतिपूर्ण मार्च की अपील
संसद मार्च से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा या कानून तोड़ने वाली गतिविधि से आंदोलन की भावना को नुकसान पहुंचेगा।
उन्होंने दावा किया कि यह देश के युवाओं से जुड़ा बड़ा जनआंदोलन है और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना सभी का अधिकार है। साथ ही उन्होंने समर्थकों से अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
दिल्ली बनी सुरक्षा छावनी
संसद मार्च को देखते हुए जंतर-मंतर से संसद मार्ग तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया। दिल्ली पुलिस, रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर मौजूद रहे। दंगा नियंत्रण वाहन (वज्र वाहन) भी तैनात किए गए।
संसद मार्ग, पार्लियामेंट स्ट्रीट और आसपास के क्षेत्रों में कई स्तर की बैरिकेडिंग की गई ताकि प्रदर्शनकारियों को प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका जा सके।
पांच मेट्रो स्टेशन अस्थायी रूप से बंद
सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों का परिचालन अगले आदेश तक बंद कर दिया। यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई।
हालांकि दिल्ली-नोएडा, फरीदाबाद और अन्य सीमावर्ती इलाकों में यातायात सामान्य बना रहा। बदरपुर और कालिंदी कुंज बॉर्डर पर पुलिस की अतिरिक्त तैनाती के बावजूद वाहनों की आवाजाही जारी रही।
सोनम वांगचुक का संदेश
इस बीच सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया के माध्यम से संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं पर जवाबदेही तय करने का भरोसा देती है या विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद संसद में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाने का आश्वासन देते हैं, तो वह अपने अनशन को समाप्त करने पर विचार करेंगे। साथ ही उन्होंने अपनी चिकित्सकीय स्थिति और अस्पताल में रहने को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
मॉनसून सत्र के पहले दिन संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों और प्रदर्शन को लेकर सरकार तथा विपक्ष का अगला रुख क्या रहता है।


