मंदाकिनी का रौद्र रूप: मलबा और कीचड़ से बेहाल चित्रकूट, कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
चित्रकूट में भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। रामघाट समेत कई गांवों में बाढ़ और जलभराव के हालात हैं, जबकि सतना में रेलवे ट्रैक डूब गया है।

मानिकपुर के पास स्थित डोडा डैम के ओवरफ्लो होने के बाद उसके टूटने की सूचना है। इसके चलते आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया है। पिछले कुछ दिनों में मंदाकिनी का जलस्तर कम होने लगा था, लेकिन पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदी ने दोबारा रौद्र रूप ले लिया।
रामघाट समेत कई इलाकों में बढ़ा पानी
दो दिन पहले भी मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से रामघाट समेत करीब 12 गांव प्रभावित हुए थे। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना के हेलिकॉप्टरों की मदद ली गई थी। प्रशासन ने एक बार फिर नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।
रामघाट में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पीएसी की एक कंपनी तैनात की गई है। मंदाकिनी का बढ़ता पानी रामघाट और निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र में भी पहुंच गया है। निचले हिस्सों में जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
पुल टूटने से आवागमन पर असर
रामघाट को हनुमान धारा से जोड़ने वाला पुल क्षतिग्रस्त होकर गिर गया है। पुल के टूटने से स्थानीय लोगों के सामने आवागमन की समस्या खड़ी हो गई है। कई रास्तों पर पानी और कीचड़ जमा होने के कारण लोगों को वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है।
प्रशासन और राहत दल संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी की जा रही है।
सतना में रेलवे ट्रैक जलमग्न
भारी बारिश का असर पड़ोसी सतना जिले में भी दिखाई दे रहा है। सतना-मानिकपुर रेलखंड पर चितहरा रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया। ट्रैक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेल कर्मचारियों ने इंजन के आगे पैदल चलकर पटरियों की जांच की।
सोशल मीडिया पर सामने आए कुछ वीडियो में जलभराव के बीच यात्री ट्रेन और मालगाड़ी के दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। रेलवे की ओर से ट्रैक की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चित्रकूट-सतना क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ा दिया है। प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों की निगरानी कर रही हैं और लोगों से उफनती नदी, नालों तथा जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील की जा रही है।


