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चित्रकूट में गोरगी बांध टूटने से हाहाकार, मंदाकिनी 30 फीट उफनी; रामघाट का पुल बहा, सतना में ट्रैक डूबे

चित्रकूट में भारी बारिश के बाद मंदाकिनी नदी करीब 30 फीट उफन गई। रामघाट का पुल बहने की सूचना है, जबकि सतना में रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से पैसेंजर ट्रेन रोकी गई।

चित्रकूट में गोरगी बांध टूटने से हाहाकार, मंदाकिनी 30 फीट उफनी; रामघाट का पुल बहा, सतना में ट्रैक डूबे
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नई दिल्ली। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चित्रकूट में स्थिति बेहद गंभीर बताई जा रही है। मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ रामघाट और आसपास के निचले इलाकों में पानी भर गया है। वहीं, गोरगी बांध के टूटने की सूचना के बाद प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है।

मंदाकिनी का रौद्र रूप, रामघाट में मची अफरा-तफरी

मंदाकिनी नदी में अचानक पानी बढ़ने से रामघाट क्षेत्र में हालात बिगड़ गए। बताया जा रहा है कि नदी करीब 30 फीट तक उफान पर पहुंच गई। तेज बहाव के कारण घाट और आसपास के क्षेत्रों में पानी फैल गया।

रामघाट का करीब 300 मीटर लंबा पुल भी बाढ़ के तेज बहाव की चपेट में आने से बहने की सूचना है। पुल को नुकसान पहुंचने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और दोनों तरफ के लोगों के लिए आवाजाही मुश्किल हो गई है।

भरत घाट में दो मंजिला मकान पानी में डूबा

बाढ़ का पानी भरत घाट क्षेत्र तक पहुंच गया है। यहां एक दो मंजिला मकान पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गया। मकान में मौजूद परिवार को सुरक्षित निकालने के लिए नाव की मदद लेने की कवायद की गई। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।

सतना में रेलवे ट्रैक डूबा, ट्रेन रोकी गई

चित्रकूट के साथ सतना जिले में भी भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। रेलवे ट्रैक पर पानी आने के बाद एक पैसेंजर ट्रेन को रोकना पड़ा। रेलवे अधिकारी लगातार ट्रैक की स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और जलस्तर सामान्य होने तक अतिरिक्त सावधानी बरती जा रही है।

थानों और सरकारी परिसरों में भी भरा पानी

सतना के कई इलाकों में पुलिस थानों और सरकारी परिसरों तक पानी पहुंच गया है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के कारण ग्रामीण इलाकों में सड़क और पुल-पुलियों पर भी पानी आ गया है। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों और पुलों को पार नहीं करने की अपील की है।

बरदहा नदी भी पहले मचा चुकी है तबाही

चित्रकूट के पाठा क्षेत्र में बरदहा नदी के उफान से पहले भी कई गांव प्रभावित हो चुके हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने पर कई इलाकों का संपर्क बाधित हुआ था। अब मंदाकिनी समेत अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

राहत-बचाव टीमों को किया गया अलर्ट

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।


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