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पुणे में बड़ा विमान हादसा टला: बाल-बाल बचे मंत्री छगन भुजबल, पार्किंग में उतारना पड़ा हेलीकॉप्टर

पायलट ने हेलीकॉप्टर को निर्धारित हेलीपैड पर उतारने के बजाय पास ही स्थित गाड़ियों की पार्किंग में उतार दिया। इस घटना के बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और लोगों में हड़कंप मच गया।

पुणे में बड़ा विमान हादसा टला: बाल-बाल बचे मंत्री छगन भुजबल, पार्किंग में उतारना पड़ा हेलीकॉप्टर
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पुणे। महाराष्ट्र के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल एक हादसे में बाल-बाल बचे हैं। इस घटना ने सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फुला दिए। दरअससल, पुणे जिले के पुरंदर तहसील में भुजबल को लेकर जा रहे हेलीकॉप्टर की लैंडिंग में एक बड़ी चूक की खबर सामने आई है। पायलट ने हेलीकॉप्टर को निर्धारित हेलीपैड पर उतारने के बजाय पास ही स्थित गाड़ियों की पार्किंग में उतार दिया। इस घटना के बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों और लोगों में हड़कंप मच गया।

सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी

इस दौरान बड़ा खतरा था कि हेलीकॉप्टर के घूमते हुए पंखे (रोटर) पार्किंग में खड़ी गाड़ियों से टकरा सकते थे, जिससे बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि, पायलट ने किसी तरह हेलीकॉप्टर को सुरक्षित उतार लिया और इस घटना में किसी को चोट नहीं आई। अभी तक मंत्री भुजबल ने इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि यह गलती तकनीकी कारणों से हुई या पायलट की लापरवाही थी।

पुणे आने का कारण

छगन भुजबल पुणे में महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होने आए थे। इसी दौरान यह घटना हुई, जो अब चर्चा का विषय बन गई है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

रोहित पवार ने इस घटना पर चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इतने बड़े नेता का हेलीकॉप्टर हेलीपैड की बजाय पार्किंग में उतरना बहुत गंभीर मामला है। उन्होंने यह भी कहा कि वीआईपी लोगों की हवाई यात्रा में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने यह मुद्दा उठाया कि कई बार हेलीकॉप्टर और विमानों में तकनीकी खराबियां या मेंटेनेंस की समस्याएं होती हैं।

रोहित पवार ने सरकार से मांग की कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं। बताते चलें कि, इस घटना में भले ही कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन यह एक बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है। जांच के बाद ही साफ होगा कि यह गलती कैसे हुई और आगे इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।


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