Top
Begin typing your search above and press return to search.

चंडीगढ़ में अकाली दल महिला विंग का रोष मार्च, हरसिमरत कौर हिरासत में; पुलिस से हुआ जोरदार टकराव

चंडीगढ़ में अकाली दल की महिला विंग ने सीएम भगवंत मान की पत्नी से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर रोष मार्च निकाला। सांसद हरसिमरत कौर बादल को पुलिस ने हिरासत में लिया।

चंडीगढ़ में अकाली दल महिला विंग का रोष मार्च, हरसिमरत कौर हिरासत में; पुलिस से हुआ जोरदार टकराव
X
चंडीगढ़। पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर सियासी घमासान बढ़ता जा रहा है। शनिवार को शिरोमणि अकाली दल की महिला विंग ने चंडीगढ़ में रोष मार्च निकाला। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ीं। पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोकने के लिए भारी बैरिकेडिंग की थी।

प्रदर्शनकारियों और पुलिस के आमने-सामने आने के बाद मौके पर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारी महिलाओं को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके बाद कई कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गईं और धरना शुरू कर दिया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी।

हरसिमरत कौर बादल को पुलिस ने लिया हिरासत में

मार्च के दौरान पुलिस ने अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल को भी हिरासत में ले लिया। वह प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही थीं और मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने की कोशिश कर रही थीं। अकाली दल ने इस कार्रवाई को लेकर पंजाब सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं।

पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री की पत्नी पर लगाए गए गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। अकाली दल लगातार इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साध रहा है। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और इन्हें अदालत में साबित नहीं किया गया है।

NHRC ने भी मांगी जांच रिपोर्ट

मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के हस्तक्षेप का भी अकाली दल ने उल्लेख किया है। पार्टी के अनुसार, आयोग ने आरोपों का संज्ञान लेते हुए पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से जांच एवं कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

हरसिमरत कौर बादल पहले भी इस मामले को लेकर सरकार पर हमला बोल चुकी हैं। उन्होंने NHRC के संज्ञान को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

परनीत कौर ने भी उठाए सवाल

इस विवाद में पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता परनीत कौर ने भी पंजाब सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनके मुताबिक, सत्ता में बैठे लोगों पर लगे आरोपों को केवल राजनीतिक मामला बताकर खारिज करने के बजाय जांच एजेंसियों को तथ्यों की जांच करनी चाहिए।

फिलहाल, अकाली दल के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में यह मुद्दा और गरमा गया है। सरकार की ओर से आरोपों पर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it