Top
Begin typing your search above and press return to search.

कावेरी जल विवाद फिर भड़का, तमिलनाडु को पानी छोड़ने के फैसले के खिलाफ आज कर्नाटक बंद

कावेरी जल विवाद को लेकर कर्नाटक में आज बंद का ऐलान किया गया है। CWMA के तमिलनाडु को 12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के आदेश के खिलाफ किसान और कन्नड़ संगठन विरोध कर रहे हैं।

कावेरी जल विवाद फिर भड़का, तमिलनाडु को पानी छोड़ने के फैसले के खिलाफ आज कर्नाटक बंद
X
बेंगलुरु। कावेरी नदी के पानी को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच विवाद एक बार फिर तेज हो गया है। कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (CWMA) की ओर से तमिलनाडु के लिए पानी छोड़ने के निर्देश के बाद कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। किसान संगठनों और कन्नड़ समर्थक संगठनों ने इस फैसले के खिलाफ गुरुवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।

12 हजार क्यूसेक पानी छोड़ने के आदेश से नाराजगी

विरोध का मुख्य कारण कावेरी जल विनियमन समिति (CWRC) की सिफारिश के आधार पर कर्नाटक से तमिलनाडु के लिए रोजाना 12,000 क्यूसेक पानी छोड़े जाने का निर्देश है। प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि कर्नाटक के कई हिस्से पहले से जल संकट का सामना कर रहे हैं। ऐसे में राज्य के जल संसाधनों से दूसरे राज्य के लिए पानी छोड़ना किसानों के हितों के खिलाफ है।

किसान संगठनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह CWMA के निर्देश को लागू करने से इनकार करे और कर्नाटक के किसानों के हितों को प्राथमिकता दे।

सुबह 6 से शाम 6 बजे तक बंद

कन्नड़ चलावली वटल पक्ष के संयोजक वटल नागराज के नेतृत्व में कई संगठनों ने बंद का समर्थन किया है। उनके मुताबिक, राज्य में सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बंद रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर भी विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

दावा किया गया है कि बेलगावी से चामराजनगर और मंगलुरु से कोलार तक करीब 2,000 से ज्यादा संगठन बंद के समर्थन में हैं। आंदोलन को छात्रों का भी समर्थन मिलने की बात कही गई है।

बस, ऑटो और बाजार हो सकते हैं प्रभावित

बंद के कारण सार्वजनिक परिवहन सेवाओं, टैक्सी और ऑटो रिक्शा के संचालन पर असर पड़ने की संभावना है। होटल, दुकानें और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी विरोध के समर्थन में बंद रह सकते हैं। बेंगलुरु में प्रदर्शन और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

हालांकि, अस्पताल, मेडिकल स्टोर और अन्य आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है। बैंक और निजी कार्यालयों के सामान्य रूप से संचालित होने की संभावना है।

स्कूलों को बंद से रखा गया बाहर

स्कूलों को आधिकारिक तौर पर बंद के दायरे में नहीं रखा गया है। कर्नाटक एसोसिएटेड मैनेजमेंट ऑफ स्कूल्स (KAMS) ने भी बंद से अपना समर्थन वापस ले लिया है। हालांकि संगठन के महासचिव डी. शशिकुमार के मुताबिक, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारी विरोध के प्रतीक के तौर पर काली पट्टी या रिबन पहन सकते हैं।

कावेरी जल विवाद को लेकर दोनों राज्यों के बीच पहले भी कई बार तनाव पैदा हो चुका है। ताजा आदेश के बाद कर्नाटक में बढ़ते विरोध के बीच अब सरकार और प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ किसानों की चिंताओं का समाधान करने की चुनौती है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it