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मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: गेहूं का MSP बढ़ा, 2.79 लाख करोड़ की तीन योजनाओं को मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने गेहूं MSP बढ़ाकर 2,610 रुपये किया। साथ ही 2.79 लाख करोड़ रुपये से अधिक की तीन योजनाओं को मंजूरी दी गई।

मोदी कैबिनेट के बड़े फैसले: गेहूं का MSP बढ़ा, 2.79 लाख करोड़ की तीन योजनाओं को मंजूरी
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नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने किसानों, नवीकरणीय ऊर्जा और राजधानी दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम फैसलों को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसके बाद गेहूं का MSP बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है।

इसके अलावा सरकार ने तीन प्रमुख योजनाओं के लिए कुल 2,79,157 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की है। इन फैसलों में किसानों के साथ-साथ ग्रीन एनर्जी और दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है।

गेहूं समेत छह रबी फसलों के MSP को मंजूरी

कैबिनेट ने रबी फसलों की मूल्य नीति के लिए 90,962 करोड़ रुपये के प्रावधान को मंजूरी दी है। कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों के आधार पर छह प्रमुख रबी फसलों के MSP तय किए गए हैं।

गेहूं का MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल रखा गया है। इसके अलावा सरसों/रेपसीड के लिए 6,613 रुपये, मसूर के लिए 7,390 रुपये, चने के लिए 5,958 रुपये, जौ के लिए 2,286 रुपये और कुसुम के लिए 7,215 रुपये प्रति क्विंटल की दर प्रस्तावित की गई है।

सरकार के मुताबिक गेहूं की अनुमानित उत्पादन लागत 1,264 रुपये प्रति क्विंटल है और निर्धारित MSP पर किसानों को लागत के मुकाबले 106 प्रतिशत का मार्जिन मिलेगा। मसूर में यह मार्जिन 92 प्रतिशत, सरसों में 96 प्रतिशत और चने में 59 प्रतिशत बताया गया है।

PM DHARA योजना के लिए 1.86 लाख करोड़

कैबिनेट ने नवीकरणीय ऊर्जा तक पहुँच को सुसंगत और त्वरित बनाने यानीPM DHARA) योजना के लिए 1,86,405 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इसका उद्देश्य देश में नवीकरणीय ऊर्जा तक पहुंच को बढ़ाना और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी बुनियादी संरचना को मजबूत करना है।

इसके साथ ही बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम विकसित करने वाली Green Energy Corridor Phase-III योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसका लक्ष्य देश में गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता बढ़ाने में मदद करना है।

दिल्ली में ट्रैफिक सिस्टम होगा आधुनिक

राजधानी दिल्ली के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफ़िक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) को भी कैबिनेट की मंजूरी मिली है। इस परियोजना पर 1,790 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत 42 चिन्हित यातायात गलियारों को कवर किया जाएगा।

परियोजना को 24 महीनों में तीन चरणों में लागू किया जाएगा। इसके बाद पांच वर्षों तक इसके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था रहेगी। सरकार का मानना है कि आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से दिल्ली में यातायात नियंत्रण, निगरानी और सड़क प्रबंधन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।


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