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केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: वाराणसी में बनेगा 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर, ₹2.19 लाख करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी

केंद्रीय कैबिनेट ने 2.19 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी। वाराणसी में NH-19 और रिंग रोड के बीच 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर, वरुणा कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर 2.0, रेलवे और यूरिया नीति को भी स्वीकृति मिली।

केंद्रीय कैबिनेट के बड़े फैसले: वाराणसी में बनेगा 6-लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर, ₹2.19 लाख करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी
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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में देश के बुनियादी ढांचे, रेलवे, कृषि और सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई। कुल 2,19,353 करोड़ रुपये के निवेश वाले इन प्रस्तावों का उद्देश्य देश में कनेक्टिविटी मजबूत करना, औद्योगिक विकास को गति देना और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करना है। बैठक के बाद केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने फैसलों की जानकारी दी।

वाराणसी को मिलेगा आधुनिक एलिवेटेड कॉरिडोर

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एनएच-19 और वाराणसी रिंग रोड के बीच 46.039 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड एलिवेटेड कॉरिडोर को मंजूरी दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 14,447.64 करोड़ रुपये होगी। इसे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा।

इस परियोजना में छह लेन का एलिवेटेड मार्ग, आधुनिक केबल-स्टे ब्रिज, एक्स्ट्राडोज्ड ब्रिज, रैंप, लूप, सर्विस रोड और लिंक रोड का निर्माण किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे वाराणसी शहर में ट्रैफिक जाम कम होगा और राष्ट्रीय राजमार्ग से निर्बाध संपर्क स्थापित होगा।

वरुणा नदी किनारे भी बनेगा नया कॉरिडोर

कैबिनेट ने वरुणा नदी के किनारे NH-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 43.218 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 10,998.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

इस कॉरिडोर में 6/4 लेन सड़क, फ्लाईओवर, रैंप, लूप और सर्विस रोड का निर्माण होगा। परियोजना पूरी होने के बाद वाराणसी में यातायात व्यवस्था अधिक सुगम होने और यात्रा समय कम होने की उम्मीद है।

रेलवे परियोजनाओं को भी मिली मंजूरी

रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने कई अहम फैसले लिए हैं। पारादीप-हरिदासपुर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए 2,542 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं डांगोआपोसी-राजखरसावां रेलखंड पर चौथी लाइन बिछाने के लिए 1,365 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से औद्योगिक माल ढुलाई तेज होगी और लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी।

कृषि क्षेत्र के लिए नई यूरिया निवेश नीति

कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 को भी मंजूरी दी गई है। इस नीति का उद्देश्य घरेलू स्तर पर यूरिया उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना है।

सेमीकंडक्टर और मोबाइल निर्माण को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

कैबिनेट ने तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 'सेमीकंडक्टर 2.0' योजना के लिए 1,27,500 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य भारत को वैश्विक चिप डिजाइन और निर्माण का प्रमुख केंद्र बनाना है।

इसके अलावा मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग योजना (MPMS) के तहत 62,500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे देश में मोबाइल निर्माण, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार

सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से देश में आधुनिक परिवहन नेटवर्क विकसित होगा, औद्योगिक निवेश बढ़ेगा और लाखों लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे। विशेष रूप से वाराणसी में स्वीकृत दोनों एलिवेटेड कॉरिडोर शहर की यातायात व्यवस्था को नई दिशा देंगे और पूर्वी उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को मजबूत करेंगे।


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