बिहार के स्कूल में शर्मनाक कांड, दो शिक्षकों पर 12 नाबालिग छात्राओं से दुष्कर्म का आरोप, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
बक्सर के एक स्कूल में दो शिक्षकों पर करीब 12 नाबालिग छात्राओं से दुष्कर्म और आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप लगा है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू की है।

वीडियो वायरल होने के बाद खुला मामला
जानकारी के मुताबिक, कथित घटनाएं पिछले कई महीनों से चल रही थीं। आरोप है कि दोनों शिक्षक छात्राओं को अपने जाल में फंसाकर उनके साथ यौन अपराध करते थे और कथित तौर पर वीडियो भी बनाते थे। करीब तीन दिन पहले वीडियो इंटरनेट पर वायरल होने के बाद परिजनों और ग्रामीणों को मामले की जानकारी हुई।
मामले की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश पैदा हो गया। बड़ी संख्या में लोग स्कूल पहुंचे और दोनों शिक्षकों को घेर लिया। इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई। सूचना मिलने पर कृष्ण ब्रह्म थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पॉक्सो एक्ट के तहत FIR, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
परिजनों और ग्रामीणों की ओर से दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस ने वायरल वीडियो और पीड़ित पक्ष के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया है। नाबालिग छात्राओं से जुड़े मामले की गंभीरता को देखते हुए पॉक्सो एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है।
बक्सर के एसपी शुभम आर्या ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को छापेमारी का निर्देश दिया गया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को किया निलंबित
मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा विभाग ने भी तत्काल कार्रवाई की। बीईओ सुधांशु कुमार की जांच रिपोर्ट के आधार पर डीईओ के निर्देश पर दोनों आरोपी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में दोनों को अलग-अलग प्रखंड संसाधन केंद्रों से संबद्ध किया गया है।
विभागीय स्तर पर भी दोनों के खिलाफ औपचारिक आरोप पत्र तैयार कर जांच शुरू किए जाने की तैयारी है। वहीं, ग्रामीण आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर कृष्ण ब्रह्म थाने के बाहर देर रात तक प्रदर्शन करते रहे।
जांच के बाद सामने आएगा पूरा सच
पुलिस वायरल वीडियो, छात्राओं और उनके परिजनों के बयान समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। नाबालिग पीड़िताओं की सुरक्षा और उनकी पहचान की गोपनीयता बनाए रखना जांच एजेंसियों की प्राथमिकता है।


