बजट सत्र का दूसरा चरण कल से, पहले दिन ही आएगा लोकसभा स्पीकर को हटाने का प्रस्ताव; भाजपा-कांग्रेस ने व्हिप जारी किया
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण हंगामेदार रहने के आसार हैं। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, ईरान-इजरायल युद्ध, तेल खरीद में अमेरिकी दखल और एआई समिट के मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखा वार-पलटवार देखने को मिल सकता है।

नई दिल्ली। बजट सत्र का पहला चरण सत्ता पक्ष और विपक्ष की तीखी तकरार की भेंट चढ़ गया और अब दूसरा चरण 9 मार्च यानी सोमवार से शुरू हो रहा है। चूंकि, इस सत्र की शुरुआत ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के विरुद्ध विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ होनी है, इसलिए हंगामे के पूरे आसार हैं।
भाजपा और कांग्रेस दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को 9 से 11 मार्च तक सदन में मौजूद रहने के लिए 3-लाइन व्हिप जारी किया है।कांग्रेस ने अपने सांसदों से कहा है कि वे इन दिनों सदन में मौजूद रहें क्योंकि लोकसभा स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा की संभावना है। वहीं भाजपा ने भी सांसदों को मौजूद रहने का निर्देश दिया है।
खामेनेई की मौत का मामला भी उठेगा
इसके अलावा ईरान-इजरायल युद्ध, ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह खामेनेई की मौत पर भारत के संतुलित रुख और रूस से तेल खरीद पर अमेरिकी दावे-दखल जैसे मुद्दों पर विपक्ष की जिस तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, उससे संकेत मिलता है कि इनके सहारे सरकार को घेरने का प्रयास होगा। दूसरी तरफ, सरकार भी कसकर तैयार दिख रही है। एआइ इंपैक्ट समिट में अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के सामने कांग्रेस के अर्धनग्न प्रदर्शन के मामले में अन्य विपक्षी सहयोगियों का साथ नहीं मिलने से कांग्रेस अकेले कठघरे में खड़ी है। लिहाजा सरकार इसे देश के अपमान से जोड़कर करारा पलटवार कर सकती है।
रूसी तेल की खरीद भी बनेगा मुद्दा
बजट सत्र के दूसरे चरण में वैश्विक संघर्ष और उसके प्रभाव संसद में गतिरोध का कारण बन सकते हैं। विपक्षी दल रूसी तेल की खरीद जारी रखने में अमेरिका के दावे को आधार बनाकर इन आरोपों के साथ चर्चा कराना चाहेगा कि भारत अमेरिका के दबाव में है। राहुल गांधी इस मुद्दे को तूल भी दे रहे हैं। इसके साथ ही हिंद महासागर क्षेत्र में ईरानी युद्धपोत पर हमले की घटना को विपक्ष भारत के लिए सामरिक चुनौती के रूप में पेश कर सकता है। वहीं, खामेनेई की मौत पर भारत सरकार की शुरुआती चुप्पी पर भी कांग्रेस ने खास तौर पर सवाल उठाए हैं।
एसआइआर पर गतिरोध पैदा करेगी टीएमसी
उधर, चुनावी मुहाने पर खड़े बंगाल में ममता बनर्जी एसआइआर के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। तृणमूल सांसद ने मुख्य चुनाव आयुक्त के विरुद्ध जिस तरह के तीखे बयान दिए हैं, उससे पूरा अंदेशा है कि इस तृणमूल इसी मुद्दे पर संसद में गतिरोध पैदा करना चाहेगी। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव को गिराने सहित विपक्ष को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष ने भी पूरी तैयारी की है। कांग्रेस को खास तौर पर एआइ समिट में किए गए प्रदर्शन को लेकर घेरा जाएगा।
बजट सत्र के पहले चरण में हुआ था जमकर हंगामा
उल्लेखनीय है कि बजट सत्र के पहले चरण में पूर्व सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक पर चर्चा कराने के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रयास से उपजा सियासी संग्राम पीठ के अपमान, आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन और बिरला के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव से लेकर सत्ता पक्ष के इस आरोप तक पहुंचा कि कांग्रेस की महिला सांसदों ने सदन में प्रधानमंत्री की कुर्सी का घेराव करके उन पर हमले का षड्यंत्र रचा।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भी खींचतान चलती रही। सरकार अपनी ओर से तथ्य स्पष्ट करती रही और कांग्रेस समझौते पर सवाल उठाती रही। वह मामला दूसरे चरण में भी जारी रह सकता है, क्योंकि राजनीतिक मंचों से नेता प्रतिपक्ष इस मुद्दे को अभी भी लगातार उठा रहे हैं। लिहाजा बजट सत्र के इस चरण में रणनीति तय करने के लिए विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए के फ्लोर लीडर्स सोमवार को ही राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संसद में स्थित कार्यालय में बैठक करेंगे।


