ईरान के हमलों पर ब्रिटेन-फ्रांस-जर्मनी सख्त, अमेरिका के साथ मिलकर जवाबी कार्रवाई की तैयारी
ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने कहा है कि वे अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के जवाबी हमलों को रोकने के लिए तैयार हैं। ब्रिटिश प्रधानमंत्री, फ्रांस के राष्ट्रपति और जर्मनी के चांसलर ने संयुक्त बयान में ईरान के हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों को लापरवाह बताया है।

वाशिंगटन। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने साफ कहा है कि वे अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के जवाबी हमलों को रोकने के लिए तैयार हैं। इन तीनों देशों के नेताओं ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान के हालिया हमलों पर गहरी नाराजगी जताई है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा कि वे ईरान के लापरवाह हमलों से बेहद चिंतित हैं। उनका कहना है कि इन हमलों से क्षेत्र में मौजूद उनके सैनिकों और नागरिकों की जान खतरे में पड़ रही है।
जरूरी और संतुलित कदम उठाने तैयारी
तीनों नेताओं ने अपने बयान में कहा कि वे अपने हितों और अपने सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए जरूरी और संतुलित कदम उठाने को तैयार हैं। उन्होंने संकेत दिया कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता को उसी जगह पर नष्ट करने के लिए रक्षात्मक कार्रवाई की जा सकती है, जहां से ये हमले किए जा रहे हैं।
ईरान के खिलाफ यूरोप में बन रहा मोर्चा
यूरोपीय देशों ने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे पर अमेरिका और क्षेत्र के अन्य सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम करेंगे। इसका मतलब साफ है कि ईरान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत मोर्चा बन सकता है। इस बयान से यह साफ हो गया है कि पश्चिमी देशों का धैर्य अब जवाब दे रहा है और अगर ईरान ने हमले जारी रखे, तो उसे कड़ा जवाब मिल सकता है।
ईरान ने यूएई पर 167 मिसाइलें दागीं
बता दें कि, ईरानी पलटवार का कहर सबसे ज्यादा यूएई पर टूटा है। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा, ईरान की तरफ से देश के कई हिस्सों में अब तक 165 बैलिस्टिक मिसाइल, 2 क्रूज मिसाइल और 541 ईरानी ड्रोन से हमला किया गया है। इनमें से 506 को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया गया, जबकि 35 देश के इलाके में गिरे, जिससे कुछ नुकसान हुआ। वायुसेना और एयर डिफेंस फोर्स ने 20 बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर दिया और 8 मिसाइलों को समुद्र में गिरा दिया।


