Top
Begin typing your search above and press return to search.

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी का दोहरा शतक, पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई

बांग्लादेश चुनाव के ताजा आंकड़े बताते है कि तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। ऐसे में अब पीएम नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान और बीएनपी को इस जीत के लिए बधाई दी है।

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी का दोहरा शतक, पीएम मोदी ने तारिक रहमान को दी बधाई
X

नई दिल्ली। बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बीएनपी की निर्णायक जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी प्रमुख तारिक रहमान को बधाई दी है। पीएम मोदी ने X पोस्ट में कहा कि यह जीत बांग्लादेश की जनता द्वारा उनके नेतृत्व में जताए गए बड़े विश्वास को दर्शाती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने बधाई संदेश में कहा, 'बांग्लादेश के संसदीय चुनावों में बीएनपी की निर्णायक जीत पर मैं तारिक रहमान को हार्दिक बधाई देता हूं। यह जीत बांग्लादेश की जनता के आपके नेतृत्व पर विश्वास को दर्शाती है। भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के प्रति अपना समर्थन जारी रखेगा। मैं आपके साथ मिलकर हमारे बहुआयामी संबंधों को मजबूत करने और हमारे साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं।'

बांग्लादेश पर भारत की पैनी नजर

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में बीते कुछ दिनों उतार-चढ़ाव देखने को मिली है। अंतरिम शासन के दौरान कई बातों पर दोनों देशों के रुख अलग थलग दिखे है। ऐसे में भारत इस चुनाव पर करीबी नजर रखे हुए है। भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस मामले में कहा कि पहले चुनाव के नतीजों का इंतजार करना चाहिए, उसके बाद ही आगे की स्थिति पर टिप्पणी की जाएगी। कुल मिलाकर, शुरुआती नतीजों से साफ है कि बीएनपी बहुमत की ओर है।

बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी का दोहरा शतक

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी बढ़त बनाते हुए दोहरा शतक पार कर लिया है। जमुना टीवी के अनुसार बीएनपी को अब तक 211 सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन करीब 70 सीटों पर है। यह बीएनपी की निर्णायक जीत मानी जा रही है।

जमात पार्टी ने चुनाव आयोग पर लगाया आरोप

बांग्लादेश चुनाव में कुछ सीटों के नतीजे देर से आने पर जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव आयोग (EC) पर आरोप लगाया है। जमात के एक नेता ने ढाका के अगारगांव स्थित चुनाव आयोग के सामने पत्रकारों से कहा कि कल के चुनाव और जनमत संग्रह की मतगणना शाम 5 बजे शुरू हुई थी। अब लगभग सुबह 4 बजे हैं, फिर भी आयोग से जुड़े लोगों की वजह से मतगणना में असामान्य देरी हो रही है। उनका कहना था कि यह देरी मत प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध परिणाम पर सवाल खड़े करती है।

क्या है सीटों का समीकरण, समझिए

बांग्लादेश की संसद, जिसे जातीय संसद कहा जाता है, में कुल 300 सीटें हैं। इनमें से 299 सीटों पर मतदान हुआ। शेरपुर-3 सीट पर एक उम्मीदवार की मृत्यु के कारण चुनाव रद्द कर दिया गया। बहुमत के लिए 150 सीटें जरूरी होती हैं। इसके अलावा 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। इन सीटों का बंटवारा 300 सामान्य सीटों पर पार्टियों के प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है।

बड़े नेताओं की गैरमौजूदगी में चुनाव

बता दें कि यह चुनाव खास इसलिए भी था क्योंकि इसमें दो पूर्व प्रधानमंत्री शामिल नहीं थे। शेख हसीना जो आवामी लीग की प्रमुख हैं, अगस्त 2024 में छात्र आंदोलन के बाद सत्ता से हटा दी गई थीं और तब से भारत में रह रही हैं। उनकी पार्टी का पंजीकरण निलंबित होने के कारण वह चुनाव नहीं लड़ सकी।

दूसरी ओर खालिदा जिया जो बीएनपी की पूर्व प्रमुख थीं, का पिछले साल दिसंबर में निधन हो गया था। उनके बेटे तारिक रहमान करीब 17 साल के निर्वासन के बाद देश लौटे और अब प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।

बांग्लादेश चुनाव की दस अहम बातें

बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने 151 सीटें जीतकर स्पष्ट बढ़त बना ली है। बहुमत के लिए 150 सीटों की जरूरत होती है।

बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को अब तक 43 सीटें मिली हैं।

देश की संसद जातिए संसद की 299 सीटों पर वोटिंग हुई। एक सीट (शेरपुर-3) पर उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान रद्द हुआ।

इनके अलावा 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं, जो पार्टियों की जीत के अनुपात से भरी जाएंगी।

पहली बार चुनाव में शेख हसीना और खालिदा जिया मैदान में नहीं थीं।

तारिक रहमान लगभग 17 साल बाद देश लौटे और प्रधानमंत्री पद के मजबूत दावेदार बनकर उभरे।

जमात के साथ ‘नेशनल सिटिजन पार्टी’ जैसे छात्र संगठनों ने भी गठबंधन किया, जो छात्र आंदोलन से उभरे थे।

बीएनपी के नेता गायेश्वर चंद्र रॉय ढाका-3 सीट से जीतकर 1971 के बाद ढाका से पहले हिंदू सांसद बन सकते हैं।

चुनाव के साथ ‘जुलाई नेशनल चार्टर’ पर भी वोटिंग हुई। इसमें प्रधानमंत्री के कार्यकाल की सीमा और केयरटेकर सरकार बहाल करने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। यह प्रस्ताव अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की अगुवाई में तैयार हुआ।

भारत इस चुनाव पर नजर रखे हुए है, क्योंकि इसका असर दोनों देशों के रिश्तों पर पड़ सकता है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it