Top
Begin typing your search above and press return to search.

दक्षिण भारतीयों ने बीएमसी में डुबोई ठाकरे बंधुओं की लुटिया, तमिलनाडु की 'रसमलाई' का बड़ा रोल

मुंबई में बीजेपी और उसकी सहयोगियों की बड़ी जीत उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की निजी राजनीति के लिए बहुत बड़ा झटका है। उन्होंने क्षेत्रवाद का जो जहर बोने की कोशिश की थी, उसका उन्हें ही खामियाजा भुगतना पड़ा है।

दक्षिण भारतीयों ने बीएमसी में डुबोई ठाकरे बंधुओं की लुटिया, तमिलनाडु की रसमलाई का बड़ा रोल
X

मुंबई। देश के कुछ राज्यों से भी बड़े बजट वाले बीएमसी से लंबे समय बाद ठाकरे परिवार का प्रभुत्व खत्म हो गया है। महाराष्ट्र में बीजेपी की अगुवाई वाली महायुति से मिल रही चुनौती ने वर्षों बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे को बीएमसी चुनाव के लिए साथ आने को मजबूर कर दिया।

इस चुनाव में बीजेपी गठबंधन की बड़ी जीत को कुछ विश्लेषक ठाकरे परिवार के राजनीतिक भविष्य से जोड़ रहे हैं। वास्तव में इस चुनाव नतीजे ने ठाकरे परिवार को वहां पर चोट मारी है, जहां से उसने सियासत की शुरुआत की थी।

बीएमसी में ठाकरे भाइयों की बड़ी हार

बीएमसी की 227 सीटों के लिए गुरुवार को हुई वोटिंग के दौरान एक सर्वे हो रहा था, जिससे पता चलता है कि इस चुनाव में बीजेपी और शिवसेना को किसने अधिक वोट दिए और शिवसेना (उद्धव ठाकरे), महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना(एमएनएस) और एनसीपी(शरद पवार) पर किसने ज्यादा भरोसा जताया। इस सर्वे का जो नतीजा है, उसे परिमाण के साथ देखने से पता चलता है कि उद्धव और राज ठाकरे परिवार की राजनीति ही आखिरकार उन्हें अपने ही गढ़ में ले डूबी है।

मराठी वोटरों का ठाकरे भाइयों को साथ

एक्सिस माय इंडिया के सर्वे के अनुसार 'मराठी माणूस' की राजनीति करने वाली शिवसेना (यूबीटी) और सहयोगियों को इस समुदाय के सबसे ज्यादा वोट मिले हैं। 49% मराठी वोटर इन्हीं के पक्ष में गए हैं, जबकि बीजेपी और सहयोगियों को 30% मराठी मतदाताओं ने वोट दिया है। जबकि, कांग्रेस और सहयोगी सिर्फ 8% मराठी वोटरों को रिझा सके।

मराठी के अलावा ठाकरे भाइयों पर सबसे ज्यादा मुसलमानों ने भरोसा जताया है और इन्हें 28% मुस्लिम वोट मिले हैं। अलबत्ता कांग्रेस प्लस 41% मुस्लिम वोट के साथ इस रेस में सबसे आगे है। जबकि, बीजेपी प्लस को मात्र 12% मुस्लिम वोट मिले हैं।

उत्तर, दक्षिण भारतीय वोटर बीजेपी के साथ

लेकिन, उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय मतदाताओं ने बीजेपी प्लस के लिए दिल खोलकर मतदान किया है। बीजेपी प्लस को 68% उत्तर भारतीय और 61% दक्षिण भारतीय वोट मिले हैं। लेकिन, शिवसेना (यूबीटी)प्लस को 19% उत्तर भारतीय और 21% दक्षिण भारतीय वोट ही मिले हैं। कांग्रेस के खाते में इनके क्रमश: 2% और 8% वोट गए। मतलब, यहीं पर ठाकरे बंधुओं का बेड़ागर्क हो गया। राज ठाकरे उत्तर भारतीयों के प्रति नफरती बयानों के लिए कुख्यात रहे हैं तो दक्षिण भारतीयों के विरोध से ठाकरे परिवार की राजनीति ही शुरू हुई थी।

दक्षिण भारतीय वोटरों ने बजा दी 'पुंगी'

उद्धव ठाकरे के पिता बाल ठाकरे ने मराठी मानूस की बात करके इस समुदाय पर अपनी गहरी छाप छोड़ी थी। 1966 में उन्होंने शिवसेना की स्थापना ही एक तरह से मुंबई में दक्षिण भारतीयों के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए की थी। इसके लिए उनका एक नारा 'उठाओ लुंगी, बचाओ पुंगी'काफी प्रभावशाली साबित हुआ। उनके निशाने पर सबसे ज्यादा तमिल ही रहे। बाद में दक्षिण भारतीयों की तुलना में उत्तर भारतीयों की संख्या ज्यादा बढ़नी शुरू हो गई। लेकिन, आज भी एक अच्छी-खासी दक्षिण भारतीय आबादी मुंबई में है और सर्वे से पता चलता है कि उन्होंने ठाकरे परिवारों की 'पुंगी' बचाने में बड़ी भूमिका निभाई है।

तमिलनाडु की 'रसमलाई' का बड़ा रोल

दक्षिण भारतीय वोटरों और खासकर तमिलनाडु के मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए बीएमसी चुनाव प्रचार में बीजेपी ने चेन्नई से अपने लोकप्रिय नेता और पूर्व आईपीएस के अन्नामलाई को उतारा था। नतीजे बताते हैं कि सायन, धारावी जैसे दक्षिण भारतीयों के प्रभाव वाले जिन इलाकों में उन्होंने बीजेपी के लिए प्रचार किया है, वहां सत्ताधारी गठबंधन को अच्छी सफलता मिली। जबकि, अन्नामलाई राज ठाकरे के निशाने पर थे।

ठाकरे भाइयों की राजनीति नहीं चली

यही नहीं, अन्नामलाई को लेकर चुनाव प्रचार के दौरान एक बड़ा विवाद भी हो गया था। उन्होंने यह कह दिया था कि 'बॉम्बे महाराष्ट्र का शहर नहीं, बल्कि एक अंतरराष्ट्रीय शहर है।' वह ये दलील दे रहे थे कि अगर बीएमसी में बीजेपी की सरकार बनेगी तो ट्रिपल इंजन सरकार से मुंबई का प्रशासन अच्छे से चलेगा।

एमएनएस चीफ राज ठाकरे ने अपने पुराने वाले अंदाज में इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा, 'तमिलनाडु से एक रसमलाई आया है। इस स्थान से आपका क्या कनेक्शन है? हटाओ लुंगी बजाओ पुंगी।' बाद में शिवसेना (यूटीबी) के मुखपत्र 'सामना' में भी उन्हें 'भिखारी' कह दिया गया।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it