बीके हरिप्रसाद बने कर्नाटक कांग्रेस के नए अध्यक्ष, डीके शिवकुमार की संभालेंगे जिम्मेदारी
कांग्रेस ने बीके हरिप्रसाद को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति (केपीसीसी) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद संगठन की कमान अब अनुभवी नेता हरिप्रसाद संभालेंगे।

डीके शिवकुमार को सत्ता साझेदारी के तहत मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद पार्टी संगठन में नए नेतृत्व की जरूरत महसूस की जा रही थी, जिसके चलते कांग्रेस आलाकमान ने बीके हरिप्रसाद के नाम पर मुहर लगाई।
लंबे राजनीतिक अनुभव वाले नेता हैं हरिप्रसाद
बीके हरिप्रसाद वर्तमान में कर्नाटक विधान परिषद के सदस्य हैं। उनका कार्यकाल इसी महीने समाप्त होने वाला है। वह कांग्रेस के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं और पार्टी संगठन में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।
हरिप्रसाद पूर्व में राज्यसभा सदस्य भी रह चुके हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) में विभिन्न पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। राष्ट्रीय राजनीति में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है और उन्हें पार्टी की रणनीतिक सोच वाले नेताओं में माना जाता है।
भाजपा और आरएसएस के मुखर आलोचक
बीके हरिप्रसाद भाजपा, केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के खिलाफ अपने तीखे राजनीतिक बयानों के लिए जाने जाते हैं। वह अक्सर राष्ट्रीय मुद्दों पर कांग्रेस का पक्ष मजबूती से रखते रहे हैं और विपक्षी राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं।
बिलावा समुदाय से आते हैं
अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के बिलावा समुदाय से संबंध रखने वाले बीके हरिप्रसाद का जन्म 29 जुलाई 1954 को हुआ था। कर्नाटक की राजनीति में बिलावा समुदाय का प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे पहले इसी समुदाय के जनार्दन पुजारी और एस. बंगारप्पा भी केपीसीसी अध्यक्ष रह चुके हैं।
चुनावी और संसदीय राजनीति का लंबा अनुभव
हरिप्रसाद विपक्ष की ओर से राज्यसभा के उपसभापति पद के उम्मीदवार भी रह चुके हैं, हालांकि उन्हें एनडीए उम्मीदवार हरिवंश नारायण सिंह के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने 1999 का लोकसभा चुनाव बेंगलुरु दक्षिण सीट से लड़ा था, लेकिन भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार से पराजित हो गए थे।
कांग्रेस के भीतर पूर्व मंत्री सतीश जारकीहोली का नाम भी अध्यक्ष पद की दौड़ में माना जा रहा था, लेकिन अंततः पार्टी नेतृत्व ने अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को ध्यान में रखते हुए बीके हरिप्रसाद को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी। अब उनकी अगुवाई में कांग्रेस संगठन को और मजबूत करने की रणनीति पर काम करेगी।


